Ranchi: रांची विश्वविद्यालय के आदिवासी छात्र संघ ने राज्यपाल सह कुलाधिपति को पत्र भेजकर विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति की मांग उठाई है. संघ का कहना है कि पिछले करीब 9 महीनों से विश्वविद्यालय बिना स्थायी कुलपति के चल रहा है, जिससे शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं.

संघ के कार्यकारी अध्यक्ष दया राम के नेतृत्व में भेजे गए इस आवेदन में कहा गया है कि स्थायी नेतृत्व के अभाव में नीतिगत फैसले और विकास कार्य ठप पड़े हैं, जिसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है.
पत्र में विशेष रूप से यह मांग की गई है कि रांची विश्वविद्यालय में झारखंड के किसी योग्य और अनुभवी मूलनिवासी शिक्षाविद् को स्थायी कुलपति नियुक्त किया जाए. संघ ने तर्क दिया कि स्थानीय व्यक्ति को राज्य की सामाजिक-सांस्कृतिक परिस्थितियों, जनजातीय भाषाओं और क्षेत्रीय समस्याओं की बेहतर समझ होती है, जिससे विश्वविद्यालय के विकास को गति मिल सकती है.
इसके अलावा, संघ ने कहा कि बाहरी व्यक्ति की नियुक्ति होने पर स्थानीय परिस्थितियों को समझने में समय लगता है, जबकि स्थानीय शिक्षाविद् तुरंत प्रभावी ढंग से कार्य कर सकते हैं. साथ ही, स्थानीय समस्याओं, आरक्षण नीति और आदिवासी छात्र कल्याण से जुड़े मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ हल करने में भी मदद मिलेगी. संघ ने राज्यपाल से मांग की है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द स्थायी कुलपति की नियुक्ति की जाए.
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