Ranchi : राज्य के सरकारी प्लस-टू उच्च विद्यालयों में आउटसोर्सिंग के तहत करीब 2000 व्यावसायिक प्रशिक्षकों को पिछले 13 महीनों से मानदेय नहीं मिली है. इससे गुस्साए शिक्षकों ने मंगलवार को लोकभवन के समक्ष प्रदर्शन किया.
प्रशिक्षकों ने कहा कि राज्य वित्त योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में नियुक्त व्यावसायिक प्रशिक्षकों को पिछले 13 माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है. इसकी वजह से आर्थिक स्थिति खराब होने लगे हैं.
प्रशिक्षकों ने बताया कि वे वर्षों से राज्य के सरकारी प्लस-टू विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन पिछले आठ वर्षों में उनके मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है. वर्तमान में उन्हें मात्र 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जबकि अन्य राज्यों में व्यावसायिक प्रशिक्षकों का मानदेय बढ़ाकर 30 से 38 हजार रुपये तक किया जा चुका है.
प्रशिक्षकों ने कहा कि बकाया भुगतान और मानदेय वृद्धि को लेकर कई बार शिक्षा विभाग एवं जेईपीसी (JEPC) को ज्ञापन सौपा गया है. लेकिन विभाग की ओर से केवल आश्वासन दिया जाता रहा है. लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण प्रशिक्षकों और उनके परिवारों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है.
समस्या के समाधान नहीं होने पर राज्य के सभी व्यावसायिक प्रशिक्षक लोकभवन के समीप अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं. प्रदेश उप संगठन मंत्री शाहरुख अली ने सरकार से अविलंब बकाया मानदेय का भुगतान करने और मानदेय में वृद्धि करने की मांग की है.
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही रांची डीओ विनय कुमार प्रदर्शन स्थल पहुंचे. जहां सभी प्रशिक्षकों का गंभीरता से मामला सुने. प्रशिक्षकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है. सड़क पर प्रदर्शन कर रहे प्रशिक्षकों से प्रदर्शन खत्म करने की अपील की.
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