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सीयूजे में Recent Developments in Mathematics and Statistics सम्मेलन का सफल समापन

Ranchi : CUJ में गणित एवं सांख्यिकी के क्षेत्र में नवीनतम शोध और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “Recent Developments in Mathematics and Statistics” का सफल समापन हो गया. 

 

27–28 फरवरी को आयोजित इस सम्मेलन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों से आए प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई.

 

सम्मेलन का आयोजन विश्वविद्यालय के गणित एवं सांख्यिकी विभागों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया. कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी छात्रा प्रज्ञा ने किया. आयोजन का उद्देश्य गणित और सांख्यिकी में हो रहे नवीन शोध, उनके बहुआयामी उपयोग तथा अंतःविषय संभावनाओं पर सार्थक संवाद स्थापित करना था.

 

आज के दौर में तकनीक, चिकित्सा, व्यापार, इंजीनियरिंग और सामाजिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों में गणित और सांख्यिकी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है. इसी परिप्रेक्ष्य में यह सम्मेलन शोध और प्रयोग के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में उभरा.

 

अंतिम दिन के प्रमुख व्याख्यान

सम्मेलन के दूसरे दिन आयोजित प्लेनरी टॉक्स और तकनीकी सत्रों में गहन अकादमिक विमर्श हुआ. सी. सतीश कुमार ने Order-k Poisson Distribution के सामान्य वर्ग, उसकी विशेषताओं और अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की.

 

उन्होंने बताया कि यह मॉडल उन परिस्थितियों में विशेष रूप से उपयोगी है, जहां एक समय में अनेक घटनाएं घटित होती हैं. इंजीनियरिंग, प्रबंधन और डेटा विश्लेषण में इसके व्यापक उपयोग की संभावनाएं हैं.

 

ब्रुंदाबन साहू और पियूष कांत राय ने सांख्यिकीय मॉडलिंग और डोमेन एस्टिमेशन की प्रक्रियाओं को सरल उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया. उन्होंने बताया कि जनसंख्या के विशिष्ट उपसमूहों के लिए सटीक अनुमान तैयार करने में सांख्यिकी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. मृत्यु जनगणना जैसे जटिल विषयों को भी उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया.

 

समापन सत्र में सुभिक चक्रवर्ती ने “सांख्यिकीय संगीतशास्त्र” विषय पर रोचक व्याख्यान दिया. उन्होंने रागों और संगीत संरचना के सांख्यिकीय विश्लेषण के माध्यम से संगीत में निहित वैज्ञानिक पैटर्न को रेखांकित किया. हारमोनियम और पियानो के स्वर विन्यास में छिपी गणितीय संरचना को भी उन्होंने सरल उदाहरणों से प्रस्तुत किया.

 

उत्कल विश्वविद्यालय के प्रफुल्ल कुमार स्वैन ने डेंगू रोग के मामलों के सांख्यिकीय विश्लेषण पर आधारित शोध प्रस्तुत करते हुए बताया कि डेटा-आधारित मॉडलिंग से रोग के प्रसार और उसके प्रभाव का सटीक आकलन कर भविष्य की रोकथाम रणनीतियां तैयार की जा सकती हैं.

 

वहीं, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, उत्तराखंड के धर्मेंद्र त्रिपाठी ने ऑनलाइन माध्यम से गणितीय मॉडलिंग और फ्लुइड डायनेमिक्स के आधार पर रक्त प्रवाह के माध्यम से कैंसर रोग की जटिलताओं को समझाने वाला व्याख्यान दिया, जो अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा.


सम्मेलन के संयोजक प्रो. के.बी. पांडा ने वैलेडिक्टरी सत्र में सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि ऐसे अकादमिक मंच शोध की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने, नए सहयोग स्थापित करने और युवा शोधार्थियों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

 

दो दिनों तक चले इस राष्ट्रीय सम्मेलन ने ज्ञान-विनिमय, नवाचार और अंतःविषय अनुसंधान को नई दिशा प्रदान की. सम्मेलन के सफल समापन के साथ सीयूजे ने अकादमिक उत्कृष्टता और शोध उन्नयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया.

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