Search

केवल लंबित आपराधिक मामले के आधार पर पासपोर्ट के नवीकरण से इनकार करना उचित नहीं- HC

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने डॉक्टर प्रकाश सिंह की पासपोर्ट नवीकरण से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि केवल लंबित आपराधिक मामले के आधार पर पासपोर्ट रोकना उचित नहीं है. पासपोर्ट के नवीनीकरण या पुनः निर्गमन (renewed /re-issued)
 से इनकार नहीं किया जा सकता, विशेषकर तब जब आरोप मेडिकल नेग्लिजेंस से जुड़े हों और आरोपी के फरार होने की आशंका न हो. 

 

हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति आनंदा सेन की कोर्ट ने माना कि मामला मेडिकल नेग्लिजेंस से जुड़ा है, चार्जशीट अभी दाखिल नहीं हुई है और यह भी नहीं दिखाया गया कि याचिकाकर्ता जांच से बचने या देश छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

 

हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार उन्हें संबंधित ट्रायल कोर्ट से अनापत्ति (NOC) प्राप्त करनी होगी. इसलिए कोर्ट ने निर्देश दिया कि प्रार्थी (डॉ. सिंह) एक सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट में आवेदन करें और ट्रायल कोर्ट सात दिनों के भीतर कानून के अनुसार आदेश पारित करे. 

 

प्रार्थी डॉ. प्रकाश सिंह की ओर से अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह कोर्ट को बताया कि प्रार्थी का पासपोर्ट केवल इस आधार पर नवीनीकृत नहीं किया जा रहा है कि उनके खिलाफ कुछ आपराधिक मामले लंबित हैं. उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा और पासपोर्ट रखना व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है और पासपोर्ट नहीं मिलने से वे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मेडिकल कॉन्फ्रेंस में भाग नहीं ले पा रहे हैं.

 

वहीं, केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि प्रार्थी ने संबंधित ट्रायल कोर्ट से “नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC)” प्रस्तुत नहीं किया है. यदि वह NOC दे देते हैं, तो पासपोर्ट के नवीनीकरण पर विचार किया जा सकता है.

 

कोर्ट ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ मामले कथित मेडिकल लापरवाही से जुड़े हैं और अभी तक चार्जशीट भी दाखिल नहीं हुई है. कोर्ट ने यह भी नोट किया कि ऐसा कोई आरोप नहीं है कि प्रार्थी जांच से बचने, अदालत की प्रक्रिया की अवहेलना करने या देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे हों.

 

कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई गंभीर आधार नहीं दिखता, जिसके कारण पासपोर्ट के नवीनीकरण से इनकार किया जाए. कोर्ट ने यह भी दर्ज किया कि प्रार्थी ने कार्यवाही में सहयोग करने और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अदालत में उपस्थित होने का आश्वासन दिया है. प्रार्थी और सरकार का पक्ष जानने के बाद कोर्ट ने इस रिट याचिका का निष्पादन कर दिया.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//