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गंगा क्वेस्ट 2022 के लिए 22 मई तक होगा रजिस्ट्रेशन, इच्छुक प्रतिभागी ऐसे करें ऑनलाइन निबंधन

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Ranchi : केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की ओर से आयोजित गंगा क्वेस्ट प्रतिस्पर्धा के लिए 22 मई तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा. गंगा क्वेस्ट के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अप्रैल महीने से ही शुरू है. नगर विकास विभाग ने झारखंड के लोगों से ज्यादा से ज्यादा इस प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेने की अपील की है. इच्छुक व्यक्ति विभाग द्वारा जारी लिंक पर जाकर खुद को ऑनलाइन रजिस्टर कर सकते हैं और ऑनलाइन ही क्वेस्ट में बतौर प्रतिभागी खेल सकते हैं. हर सप्ताह में चुने गए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्रप्त करनेवाले विजेताओं के बीच विश्व पर्यावरण दिवस के दिन 5 जून को फाइनल क्वेस्ट खेला जाएगा.

कैसे करें निबंधन

अपने मोबाईल या लैपटॉप पर www.clap4ganga.com  पर खुद को निबंधित कर कोई भी व्यक्ति इस क्वेस्ट में प्रश्नों का जवाब दे सकता है. इसकी अर्हता है कि उस छात्र या व्यक्ति की उम्र कम से कम 10 वर्ष होनी चाहिए. अगर किसी प्रतिभागी को निबंधन में कोई परेशानी आ रही है तो वो https://youtu.be/zNLHLRepdYQ

 पर जाकर निबंधन प्रक्रिया को समझ सकता है. क्वेस्ट से जुड़ी विशेष जानकारी के लिए अंजना भारती, अर्बन डेवलपमेंट एंड हाउसिंग डिपार्मेंट, झारखंड से 7903971353 पर संपर्क किया जा सकता है. https://www.youtube.com/watch?v=zNLHLRepdYQ

कौन कौन करा सकते हैं निबंधन

दस वर्ष से ज्यादा उम्र का कोई भी छात्र अथवा व्यक्ति इस क्वेस्ट में भाग ले सकता है. पहली कैटेगरी में आठवीं तक के छात्र-छात्रा हिस्सा लेंगे. दूसरी कैटेगरी में 9वीं से 12 वीं तक के छात्र हिस्सा लेंगे. तीसरी कैटेगरी में कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है, भले ही वो वरिष्ठ नागरिक ही क्यों न हो.

गंगा क्वेस्ट 2021 में झारखंड का रहा था दबदबा

गौरतलब है कि 2021 में आयोजित गंगा क्वेस्ट में जहां 113 देशों से 11 लाख लोगों ने निबंधन कराया था, वहीं झारखंड की ओर से रिकॉर्ड 110111 लोगों ने निबंधन कराया था. अंतिम परिणाम में लाइव क्विज ग्रेड 3 में डीपीएस बोकारो के 12वीं के छात्र ऋषि दिव्यकीर्ति टॉपर बने थे. वहीं चौथी ग्रेड में बोकारो के प्रवीर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सेकेंड चैंपियन घोषित किया गया था. इसके अलावा 300 से ज्यादा लोगों ने विभिन्न कैटेगरी में अवार्ड भी पाये थे. इसे भी पढ़ें – ‘JIMMS’">https://lagatar.in/jimms-software-became-a-means-of-online-upper-earning-of-departmental-officers/">‘JIMMS’

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