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महिला वकील की गुहार: घर पर है कब्जा,  थाना प्रभारी नहीं ले रहे FIR, HC ने दिया कार्रवाई का निर्देश

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Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने एक महिला अधिवक्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए धनबाद एसएसपी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि महिला अधिवक्ता द्वारा दिए गए आवेदन को प्राथमिकी के रूप में दर्ज किया जाये. इसके साथ ही अदालत ने धनबाद जिले के एसएसपी को यह भी निर्देश दिया है कि कई बार आवेदन देने के बाद भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने वाले धनबाद थाना प्रभारी के ऊपर लगे आरोपों की जांच की जाये और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये. इसे भी पढ़ें-बिहार">https://lagatar.in/bihar-former-chief-minister-jitan-ram-manjhi-his-wife-daughter-and-daughter-in-law-corona-infected/">बिहार

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दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट की महिला अधिवक्ता विपुल दिव्या ने एक रिट याचिका दाखिल की है. अपनी याचिका में उन्होंने कहा है कि धनबाद में उनकी सम्पति का विवाद चल रहा है जिसकी वजह से उन्हें विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित किया जा रहा है. इस घटना के बाद उन्होंने धनबाद थाना में तीन बार आवेदन देकर कार्रवाई करने का आग्रह किया लेकिन थाना प्रभारी ने कोई कार्रवाई नहीं की.  झारखंड हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता आरएस मजूमदार ने याचिकाकर्ता विपुल दिव्या की ओर से बहस किया. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एस के द्विवेदी की अदालत में हुई. प्रार्थी ने धनबाद थाना के थाना प्रभारी जिले के SSP समेत कई पदाधिकारियों को अपनी याचिका में प्रतिवादी बनाया है. इसे भी पढ़ें-बिहार">https://lagatar.in/will-there-be-a-lockdown-in-bihar-or-not-cm-nitish-kumar-will-decide-after-the-meeting-on-tuesday/">बिहार

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