पूर्व में जेपीएससी को भेजा गया था डाटा
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व में जेपीएससी को डेटा भेजा गया था. जिसमें सहायक प्राध्यापक के लिए 1125, एसोसिएट प्रोफेसर के लिए 166 और प्रोफेसर के लिए 72 रिक्तियों से संबंधित जानकारी दी गई थी. लेकिन नियम में बदलाव होने के बाद इसे रोक दिया गया. फिर से नए नियम पर काम किया जा रहा है. नए नियम में अब विश्वविद्यालय को यूनिट बनाया जाएगा. उप निदेशक धनंजय सिंह के अनुसार टेक्निकली अभी जेपीएससी के पास कोई डाटा नहीं है. बता दें कि झारखंड के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है. इसके कारण पीएचडी नहीं होने जैसी कई समस्याएं हो रही है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के स्वीकृत पद से लगभग 60 प्रतिशत कम शिक्षक हैं. इसे भी पढ़ें : अरुणाचल">https://lagatar.in/indian-armys-cheetah-chopper-crashes-in-arunachal-search-continues-for-pilots/">अरुणाचलप्रदेश : भारतीय सेना का चीता हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलटों की तलाश जारी [wpse_comments_template]

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