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सेवानिवृत्त न्यायाधीशों का सुविधा मामला : AG ने कहा-नियमावली तैयार कर छह सप्ताह के भीतर किया जाएगा लागू

सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को दी जाने वाली सुविधाओं के मुद्दे पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने 25 फरवरी को दाखिल शपथपत्र को रिकॉर्ड पर लेने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया.
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  • मुख्य सचिव अविनाश कुमार कोर्ट में हुए उपस्थित

Ranchi :  सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को दी जाने वाली सुविधाओं के मुद्दे पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने 25 फरवरी को दाखिल शपथपत्र को रिकॉर्ड पर लेने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया.

 

महाधिवक्ता  राजीव रंजन एवं अधिवक्ता श्रेय मिश्रा की ओर से खंडपीठ को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय Justice V.S. Dave बनाम Kusumjit Sindhu (Contempt Petition (C) के अनुपालन में झारखंड में नियमावली तैयार की जा रही है.

 

शपथपत्र के पैरा-6 में उल्लेख किया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप छह सप्ताह के भीतर नियम लागू किए जाएंगे. हालांकि अदालत ने मुख्य सचिव की व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश नहीं दिया था, फिर भी वे स्वयं उपस्थित हुए और आश्वासन दिया कि चार सप्ताह के भीतर नियमावली बनाने के लिए गंभीर प्रयास किए जाएंगे.

 

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प्रोटोकॉल और अन्य सुविधाओं का मुद्दा उठा

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के लिए प्रोटोकॉल, परिवहन सुविधा और नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन में ठहरने की व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी विचार आवश्यक है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में पूर्व न्यायाधीशों को ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं.

 

जबकि उम्र संबंधी बीमारियों और अन्य कारणों से इन सुविधाओं की आवश्यकता अधिक होती है. यह भी दलील दी गई कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और कोलकाता हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को ऐसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं.

 

राज्य सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि अगली सुनवाई पर इन सभी मुद्दों को स्पष्ट करते हुए  प्रस्तावित नियमावली की प्रति शपथपत्र के माध्यम से प्रस्तुत की जाएगी. मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है.

 

जानें क्या है मामला

दरअसल आंध्र प्रदेश मॉडल के आधार पर झारखंड में भी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जजों को सुविधा मुहैया कराने करने से संबंधित मामले में झारखंड हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज अमरेश्वर सहाय की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है.

 

मामले में कोर्ट ने उनसे पूछा था कि आंध्र प्रदेश मॉडल के आधार पर झारखंड में भी सेवानिवृत्त जजों को सुविधा दिलाने की राज्य सरकार की क्या योजना है? सुप्रीम कोर्ट ने भी आंध्र प्रदेश मॉडल की तर्ज पर झारखंड में हाईकोर्ट सेवानिवृत्त जजों को सुविधा दिलाने को लेकर निर्णय लेने को कहा है.

 

 

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