हालांकि आज चुनाव में जनता को मुफ्त सुविधाओं का वायदा करने वाली राजनीतिक पार्टियों की मान्यता रद्द करने की मांग वाली अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गयी. खबर है कि इस मामले में अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी. सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से पूछा है कि सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव से पहले अपना मेनिफेस्टो आपको देती हैं? इसे भी पढ़ें : महाराष्ट्र">https://lagatar.in/it-raid-58-crore-cash-32-kg-gold-390-crore-benami-property-reported-in-maharashtras-businessman/">महाराष्ट्रSC observes promising&distributing freebies by political parties in polls is "serious issue"&amount has to be spent on infrastructure AAP tells SC there`s difference b/w welfare schemes& freebies SC says economy losing money&people`s welfare has to be balanced Hearing on Aug17 pic.twitter.com/cCAyzGLtLc
">https://t.co/cCAyzGLtLc">pic.twitter.com/cCAyzGLtLc
— ANI (@ANI) August">https://twitter.com/ANI/status/1557615630274424832?ref_src=twsrc%5Etfw">August
11, 2022
में व्यापारी के यहां IT की रेड, 58 करोड़ कैश, 32 किलो सोना, 390 करोड़ की बेनामी संपत्ति मिलने की खबर
आयोग ने बताया कि फ्री योजनाओं को लेकर कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं है
राजनीतिक पार्टियों द्वारा मुफ्त योजनाओं के ऐलान के विरुद्ध भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर में कहा गया है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान होता है. इसी संबंध में जब कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा तो आयोग ने बताया कि फ्री योजनाओं को लेकर कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं है. इस क्रम में EC (चुनाव आयोग) ने कोर्ट से कहा कि इस मामले में एक कमेटी बना दी जाये. साथ ही चुनाव आयोग ने कहा किहमें उस कमेटी से दूर रखा जाए क्योंकि हम एक संवैधानिक संस्था हैं. इसे भी पढ़ें : शिवसेना">https://lagatar.in/shiv-sena-wrote-in-saamana-bjp-could-not-make-rcp-singh-the-shinde-of-bihar-nitish-defeated/">शिवसेनाने सामना में लिखा, आरसीपी सिंह को बिहार का शिंदे नहीं बना पायी भाजपा, नीतीश ने पटखनी दे दी

Leave a Comment