इजाफा हो रहा है. वित्त वर्ष 2021-22 (Financial Year 2021-22) में नई डिजाइन वाले जाली नोटों की संख्या 101.9 फीसदी बढ़ी है. इन जाली नोटों की संख्या में सबसे ज्यादा 500 और 2000 रुपये के नोट हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 2000 रुपये के 54 फीसदी और 500 रुपये के जाली नोटों में दोगुनी वृद्धि हुई है. इस बात का खुलासा आरबीआई (RBI) की हालिया वार्षिक रिपोर्ट (Annual Report) से हुई है. (">https://lagatar.in/gyanvapi-case-shivling-or-fountain-today-the-video-and-photo-of-the-survey-will-be-given-to-both-the-parties/">
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केवल बैंक और आरबीआई द्वारा पकड़ा गया नकली नोट शामिल
रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2021-22 में बैंकिंग सेक्टर (Banking Sector) की पकड़ में आये नकली नोटों का डेटा जारी किया है. जिसमें नकली नोटों का डाटा दिया गया है. आरबीआई (RBI) ने अपनी रिपोर्ट में सिर्फ उसके और बैंकों के पास आये नकली नोट की रिपोर्ट तैयार की है. इसमें पुलिस (Police), ईडी (E.D.) या किसी अन्य जांच एजेंसी (Investigation Agency) द्वारा पकड़ा गया नकली नोट शामिल नहीं हैं. इसे भी पढ़े : शेयर">https://lagatar.in/strong-start-of-the-stock-market-sensex-jumped-681-points-nifty-crossed-16550/">शेयरबाजार की दमदार शुरुआत, सेंसेक्स 681 अंक उछला, निफ्टी 16550 के पार पहुंची
वित्त वर्ष 2021-22 में पकड़े गये कुल 79,669 नकली नोट
आरबीआई रिपोर्ट के अनुसार, बैंकिंग सेक्टर ने 2021-22 के दौरान नयी डिजाइन वाले 500 रुपये के कुल 79,669 नकली नोट पकड़े हैं. पिछले वित्त वर्ष 2020-21 में इनकी संख्या महज 39,453 थी. जबकि 2008 में नोटबंदी के दौरान बंद किये गये 500 रुपये के पुरानी डिजाइन वाले भी 14 नकली नोट पकड़े गये हैं. इनकी टोटल मनी वैल्यू 3,98,41,500 रुपये है. इसे भी पढ़े : केरल">https://lagatar.in/premature-monsoon-knocked-in-kerala-rain-alert-in-many-states/">केरलमें समय से पहले मानसून ने दी दस्तक, कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
2000 के नकली नोटों की संख्या में 55 फीसदी का इजाफा
सरकार ने 500 के अलावा 2,000 रुपये के भी नये नोट चालू किये थे. वित्त वर्ष 2021-22 में 2,000 रुपये के कुल 13,604 नकली नोट बैंकिंग सेक्टर में पकड़े गये हैं. इनकी टोटल मनी वैल्यू 2,72,08,000 रुपये है. इस वित्त वर्ष में 2000 रुपये के नकली नोटों की संख्या 55 फीसदी बढ़ी है. वित्त वर्ष 2021-22 में केवल 500 और 2,000 रुपये के नकली नोट नहीं पकड़े गये. बल्कि 10, 20, 50, 100 और 200 रुपये के नकली नोट भी पकड़े गये हैं. इन सभी को मिलाकर कुल 2,30,971 नकली नोट बैंकिंग सेक्टर में पकड़े गये. इसेसे इकोनॉमी को कुल 8,25,93,560 रुपये की चपत लगी है.50 और 100 रुपये के नकली नोटों की संख्या घटी
आखिर साल से तुलना की जाये तो 10 रुपये के नकली नोटों की संख्या 16.4% और 20 रुपये के नकली नोटों की संख्या में 16.5% की बढ़ोत्तरी हुई है. लेकिन दूसरी तरफ 50 रुपये के नकली नोट की संख्या में 28.7% की गिरावट और 100 रुपये के जाली नोटों में 16.7% की कमी आयी है. 200 रुपये के नकली नोट की बात करें तो इनमें भी 11.7% का इजाफा देखा गया. इसे भी पढ़े : बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-youth-injured-after-being-hit-by-uncontrolled-car-hospitalized/">बोकारो: अनियंत्रित कार की चपेट में आने से युवक घायल, अस्पताल में भर्ती
लोगों की आय कम होने के कारण 100 सबसे पसंदीदा नोट
रिपोर्ट के अनुसार, देश में कैशलेस पेमेंट के बढ़ते चलन के बीच 100 रुपये का नोट अभी भी नकद लेनदेन के लिए सबसे पसंदीदा नोट बना हुआ है. सिक्कों की बात करें तो नगद लेनदेन के लिए 5 रुपये के सिक्के का सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है. वहीं एक रुपए के सिक्के को उपयोग करना लोग कम पसंद करते हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी के अर्थशास्त्री अय्याला हरि नायडू ने इसके पीछे का कारण लोगों की कम आय का होना बताया. हरि नायडू के अनुसार, देश में 90% लोगों की इनकम कम है. जिसकी वजह से वो आमतौर पर 100 रुपये से लेकर 300 रुपये तक का सामान ही खरीदते हैं. ऐसे मामलों में लोग डिजिटल लेनदेन की जगह नगद देना पसंद करते हैं. इसे भी पढ़े : वट">https://lagatar.in/vat-savitri-puja-today-suhagan-observes-fast-for-the-long-life-of-her-husband/">वटसावित्री पूजा आज, सुहागन अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती है व्रत [wpse_comments_template]

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