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झारखंड पुलिस की रिपोर्ट में खुलासा: छोटे आपराधिक व सांप्रदायिक घटनाओं को बढ़ा चढ़ाकर दिया जा रहा तूल

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Saurav Singh Ranchi: झारखंड पुलिस की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि छोटे आपराधिक और सांप्रदायिक घटनाओं को भी बढ़ा-चढ़ा कर तूल दिया जा रहा है. झारखंड पुलिस द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि निकट भविष्य में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर छोटी-छोटी आपराधिक घटनाओं, राजनीति या सांप्रदायिक मुद्दों से जुड़े छोटे-छोटे मुद्दों को भी विभिन्न राजनीतिक और अन्य संगठनों की ओर से बढ़ा चढ़ाकर तूल दिया जाएगा. इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्व त्यौहार के दौरान चोरी, डकैती, चेन स्नैचिंग और महिलाओं के खिलाफ जैसे अपराध में वृद्धि होगी. इसे भी पढ़ें -मुसाबनी">https://lagatar.in/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b6-%e0%a4%ae/">मुसाबनी

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झारखंड में धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं में हुई है वृद्धि

हाल के दिनों में झारखंड में धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने और पवित्र करने की घटनाओं में वृद्धि हुई है. हाल के दिनों में यह घटना है, राज्य के जमशेदपुर, हजारीबाग,बोकारो और पाकुड़ जिले में घटित हुई है. इसके अलावा कम संवेदनशील पर्व त्यौहार (सरस्वती पूजा, गणेश पूजा, मिलाद उन नबी) में भी हाल के वर्षों में विधि व्यवस्था की गंभीर उत्पन्न हो रही है. लगभग सभी पर्व त्योहारों में विशाल जुलूस की शक्ल में युवाओं बच्चे और विशेषकर महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखी जा रही है. यह खुलासा झारखंड पुलिस की रिपोर्ट में हुई है. इसके अलावा यह भी रिपोर्ट से पता चला है कि झारखंड का जो क्षेत्र पूर्व में सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील नहीं थे, हाल के दिनों में वहां भी अशांति देखी गई है. इन क्षेत्रों में संथाल परगना के सभी जिले और कोडरमा जिला शामिल है.

विधि व्यवस्था की दृष्टिकोण से संवेदनशील हैं चार प्रमुख आंदोलन

- विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा नियोजन नीति के खिलाफ किया जा रहा आंदोलन. - कुर्मी जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के लिए किया जा रहा आंदोलन. - पारसनाथ आंदोलन. - पारा शिक्षकों का आंदोलन. इसे भी पढ़ें - शारीरिक">https://lagatar.in/physical-abuse-case-hearing-on-pradeep-yadavs-petition-completed-high-court-reserves-verdict/">शारीरिक

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