Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

रिम्स : शैक्षणिक पदों में SC-ST नियुक्ति-प्रोन्नति पर रोक हटाएगी हेमंत सरकार! बीजेपी सरकार में लगी थी रोक

Advertisement
Advertisement
Nitesh Ojha Ranchi  :  राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेन्द्र चिकित्सा विज्ञान संस्थान (रिम्स) में शैक्षणिक संवर्ग के पदों पर अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति के नियुक्ति और प्रोन्नति का रास्ता साफ हो गया है. गुरूवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस बाबत एक प्रस्ताव लाया जा सकता है. प्रस्ताव लाने से पहले पूर्ववर्ती रघुवर सरकार द्वारा लगाये उस नियम को राज्य सरकार शिथिल करेगी, जो नियुक्ति और प्रोन्नति में बाधक बन रहा है. इसे भी पढ़ें - Russia-Ukraine">https://lagatar.in/russia-ukraine-war-convoy-of-100-trucks-of-russian-army-moved-forward-jo-biden-said-we-are-sending-force-why-is-the-world-think-about-donald-trump/">Russia-Ukraine

war: रूसी सेना के 100  ट्रकों का काफिला आगे बढ़ा, बाइडेन ने कहा, हम भेज रहे हैं फोर्स, दुनिया को क्यों याद आ रहे डोनाल्ड ट्रंप?    

तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने रखा था विधानसभा में प्रस्ताव

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/02/paper1.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> दरअसल तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने 16 अक्टूबर 2015 को चिकित्सा महाविद्यालयों में एसटी और एससी कोटे के प्रोन्नति और नियुक्ति को लेकर एक प्रस्ताव विधानसभा के पटल पर रखा था. इसी प्रस्ताव को अब वर्तमान सरकार खत्म करेगी. इसे भी पढ़ें - झारखंड">https://lagatar.in/crime-is-increasing-continuously-in-jharkhand-peoples-resentment-towards-the-government-chhatarpur-mla-pushpa-devi/">झारखंड

में लगातार बढ़ रही अपराधिक घटनाएं, सरकार के प्रति लोगों में आक्रोश – छतरपुर विधायक पुष्पा देवी

तकनीकी विशिष्टता नहीं होने को बताया गया था कारण

  https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/02/paper-2.jpg"

alt="" width="600" height="400" />अक्टूबर 2015 को जारी सरकारी गजट में जिक्र था कि रिम्स चिकित्सा महाविद्यालयों में एसटी-एससी कोटे के पदाधिकारियों के प्रोन्नति और नियुक्ति नहीं होने कारण कई पद रिक्त रह जा रहा था. इसके पीछे का कारण इन कोटे के शैक्षणिक संवर्ग के पदों की तकनीकी विशिष्टता नहीं होना बताया गया था. पद रिक्त रहने के कारण मेडिकल कॉउसिंल ऑफ इंडिया (एम.सी.आई.) द्वारा रिम्स चिकित्सा महाविद्यालय में बढ़े हुए सीट को कम कर दिया गया था. इससे मान्यता प्राप्त मेडिकल महाविद्यलायों के समाप्त किये जाने की भी हमेशा आशंका बनी रहती थी. इसे देखते हुए ही झारखण्ड पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं पिछड़े वर्गों के लिये) अधिनियम, 2001 की धारा (3) (ङ) को रिम्स में शिथिल कर दिया गया था. यह धारा इस महाविद्यालय में शैक्षणिक संवर्ग के पदों में एसटी-एससी के नियुक्ति और प्रोन्नति को लेकर जुड़ा था. इसे भी पढ़ें - Ilker">https://lagatar.in/ilker-aycis-erdogan-connection-tata-will-not-be-able-to-appoint-air-india-ceo-doubt-on-getting-green-signal-of-modi-government/">Ilker

 Ayci का एर्दोआन कनेक्शन, एयर इंडिया का सीईओ नियुक्त नहीं कर पायेगा टाटा! मोदी सरकार की हरी झंडी मिलने पर संशय

विभाग ने बीते 9 फरवरी को रिम्स निदेशक को लिखा पत्र

  https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/02/paper-3.jpg"

alt="" width="600" height="400" />बीते 8 फऱवरी 2022 को स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग के एक पत्र रिम्स रांची के निदेशक को लिखा है. पत्र में इस बात का जिक्र है कि महाधिवक्ता से राय प्राप्त करने के बाद अक्टूबर 2015 के इस नियम को वापस लेने का फैसला हुआ है. ऐसा होने के बाद एसटी और एससी कोटे के आरक्षण रोस्टर का पालन करके और आरक्षण लागू करने से जुड़े अधिनियम, 2001 कोई बाधक नहीं बनेगा. इसे भी पढ़ें - शेयर">https://lagatar.in/recovery-in-the-stock-market-sensex-opened-up-by-392-points-it-and-metals-stocks-jumped/">शेयर

बाजार में रिकवरी, सेंसेक्स 392 अंक मजबूत होकर खुला, आईटी और मेटल स्टॉक में उछाल [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही