alt="" width="600" height="400" /> रिम्स[/caption]
ओपीडी से लेकर अस्पताल के वार्ड तक है दलालों का कब्जा
alt="" width="600" height="400" /> रिम्स में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को ओपीडी से ही दलाल अपना निशाना बनाना शुरू कर देते हैं. डॉक्टरों के द्वारा लिखी हुई दवाई दिलाने का झांसा देते हैं और उनकी पर्ची को लेकर अपने पहचान के दुकान में पहुंच जाते हैं. दवा दुकान से कमिशन लेकर दलाल चंपत हो जाते हैं और मरीजों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है. इसे भी पढ़ें : गोड्डा:">https://lagatar.in/godda-when-mla-deepika-started-bathing-in-the-middle-of-the-road-nishikant-dubey-said-this/">गोड्डा:
जब बीच सड़क नहाने लगीं विधायक दीपिका, तो निशिकांत दुबे ने कह दिया ये
ब्लड बैंक के पास भी दलाल सक्रिय
अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को जब खून की जरूरत पड़ती है, तो वह बदहवास ब्लड बैंक पहुंचते हैं. डोनर नहीं होने का फायदा उठाकर दलाल परिजनों को अपने झांसे में फंसाते हैं. इसके साथ ही सौदा शुरू हो जाता है. एक यूनिट ब्लड की कीमत आठ हजार से शुरू होती है और चार-पांच हजार रुपए पर सौदा तय हो जाता है.प्राइवेट लैब के दलालों की भी रहती है नजर
रिम्स में पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच की व्यवस्था है, लेकिन रिपोर्ट में लेटलतीफी का फायदा प्राइवेट लैब के दलाल उठाते हैं. जैसे ही किसी मरीज को पैथोलॉजी या फिर रेडियोलॉजी जांच के लिए डॉक्टर सलाह देते हैं, दलाल को इसकी भनक लग जाती है. वह अस्पताल के इर्द-गिर्द ही रहते हैं. कागज देखते हैं और मरीज को अपने साथ लेकर बाहर के लैब में पहुंच जाते हैं.अक्सर होती है पॉकेटमारी-गाड़ी चोरी
रिम्स एक ऐसा अस्पताल है, जहां न सिर्फ झारखंड बल्कि पड़ोसी राज्य के लोग भी अपना इलाज के लिए पहुंचते हैं. अस्पताल में भीड़भाड़ रहती है और आए दिन इसका फायदा पॉकेटमार और गाड़ी चोर उठाते हैं. रिम्स के पुराने इमरजेंसी के पास स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में जब मरीज दवा खरीदने के लिए पहुंचते हैं तो वहां भीड़ का फायदा उठाकर पॉकेटमार मरीजों की जेब काट लेते हैं. जबकि अस्पताल परिसर में सैकड़ों दोपहिया वाहन लगी रहती है. चोर मौके की ताक में रहते हैं और गाड़ी लेकर रफूचक्कर हो जाते. 17 सितंबर को भी रिम्स परिसर से 3 गाड़ियों की चोरी हुई है.[wpse_comments_template]क्या कहते हैं रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी
वहीं रिम्स में दलालों की सक्रियता पर रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि दलालों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षाकर्मियों और उनके सुपरवाइजर को निर्देश दिए गए हैं. अस्पताल के विभिन्न स्थानों पर और भी सीसीटीवी लगाने की प्रक्रिया भी चल रही है. इस पर रोक लगाने के लिए रिम्स प्रबंधन प्रतिबद्ध है.
















































































Leave a Comment