Ranchi : राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल
साइंसेस (रिम्स) झारखंड का सबसे बड़ा और प्रीमियम मेडिकल इंस्टीट्यूट
है. यहां इलाज के लिए न सिर्फ झारखंड बल्कि आसपास के राज्यों से भी मरीज आते
हैं. ऐसे में मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए एनटीपीसी द्वारा सीएसआर फंड से विश्राम गृह के निर्माण की आधारशिला 14 जुलाई 2019 को रखी गई
थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास, केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह, स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी आधारशिला कार्यक्रम में मौजूद
थे. विश्राम गृह के निर्माण में 15
करोड़ रुपए खर्च किये
गये. मंच से घोषणा हुई थी 15 महीने में विश्राम सदन का निर्माण कर जनता के लिए शुरू कर दिया
जाएगा. लेकिन 46 महीने के बाद भी इसे शुरू नहीं किया जा सका
है. एक बार फिर रिम्स प्रबंधन का दावा है कि विश्राम सदन को जल्द शुरू कर दिया
जाएगा. ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए जगह चिन्हितः पीआरओ
रिम्स के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ राजीव रंजन ने कहा कि विश्राम सदन के भवन निर्माण का काम पूरा हो गया
है. वहीं पानी की सप्लाई का काम पीएचईडी द्वारा पूरा कर लिया गया
है. ट्रांसफार्मर लगाने के लिए जगह चिन्हित कर लिया गया
है. जल्द ही भवन को हैंडओवर लेकर मरीजों के लिए विश्राम सदन शुरू कर दिया
जाएगा. 
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विश्राम गृह में मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं
- भवन जी-प्लस पांच फ्लोर का है.
- विश्राम गृह में मरीजों के लिए डोरमेट्री बनाया गया है.
- सामान रखने के लिए पर्सनल लॉकर भी दिया गया है.
- ग्राउंड फ्लोर पर कैफेटेरिया और कैंटीन.
- फार्मेसी काउंटर भी बनाया गया है.
- लिफ्ट व सभी फ्लोर पर शौचालय की व्यवस्था है.
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