- 2025-26 में हजारों मामले दर्ज, लेकिन पीड़ितों को राहत सीमित,प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
Ranchi: झारखंड में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों ने आम लोगों के साथ-साथ प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है. राज्य में लगातार साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं, लोगों को नए-नए तरीकों से निशाना बनाया जा रहा हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरे राज्य में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान साइबर अपराध के मामलों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है.
आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में कुल 1499 प्राथमिकी दर्ज की गईं, जबकि 1341 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई. हालांकि, सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि पीड़ितों से ठगी गई राशि की तुलना में वसूली बेहद कम है.
मामलों की तुलना में रिकवरी बेहद कम
रिपोर्ट के अनुसार, साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए करोड़ों रुपये में से केवल 11,07,81,107 रुपये ही पीड़ितों के खातों में वापस कराए जा सके हैं. वहीं, कुछ दावों में कहा गया कि केवल सीमित मामलों में ही आरोपियों तक पहुंच बन पाई और बहुत कम मामलों में ही ठगी गई राशि की सफलतापूर्वक रिकवरी हो सकी.
सरकार और पुलिस की कार्रवाई
राज्य में साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए झारखंड पुलिस और अपराध अनुसंधान विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है. स्थानीय थानों में साइबर अपराध से संबंधित प्राथमिकी दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे पीड़ित आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकें. इसके साथ ही, सरकार द्वारा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 का 24×7 संचालन किया जा रहा है. इस हेल्पलाइन के माध्यम से ठगी की राशि को तुरंत रोकने और पीड़ित को वापस दिलाने का प्रयास किया जाता है.
जागरूकता और तकनीक पर जोर
सरकार द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने और नई तकनीकों का उपयोग करने पर भी जोर दिया जा रहा है. लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.
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