: ऑब्जेक्शन लगा सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ताक पर रखता है डीएसई ऑफिस
गिरिडीह में की थी फर्जी नियुक्ति, कोर्ट ने सुनाई सजा
वर्ष 2020-21 में गिरिडीह डीएसई ऑफिस में रहने के दौरान लिपिक कौशल किशोर पर पैसे लेकर फर्जी नियुक्ति करने का आरोप लगा था. उस मामले में कोर्ट ने उन्हें दो फरवरी 2022 को सजा सुनाई थी. उससे पहले वह इस मामले में जेल भी भेजे गए थे. जमानत पर जेल से छूटने के बाद उन्हें डीएसई ऑफिस हजारीबाग भेजा गया. लेकिन कोर्ट में वह केस हार गए और उन्हें सजा हो गई. ऐसे में विभाग को उनकी बर्खास्तगी का फैसला लेना था. प्रमंडलीय शिक्षा स्थापना समिति की बैठक में उनकी बर्खास्तगी का निर्णय लिया जा चुका है, लेकिन आरजेडीई इस संबंध में न पत्र निकाल रही हैं और न इसका कारण बता रही है. बहरहाल मामला जो भी हो, यह भी कहा जा रहा है कि कुछ इस तरह संचिका तैयार की जा रही है कि आरोपी लिपिक अगर कोर्ट भी गया, तो विभाग मजबूती से उसका माकूल जवाब कोर्ट में प्रस्तुत कर सके. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/power-crisis-in-jharkhand-is-over-for-now-supply-is-getting-according-to-demand/">झारखंडमें बिजली संकट फिलहाल खत्म, मांग के अनुरूप हो रही आपूर्ति [wpse_comments_template]

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