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विरासत मिटाने के लिए अपने व नए बने अपने ही काफी होते, रोहिणी ने तेजस्वी व संजय यादव पर कसा तंज

  • तेजस्वी और संजय यादव पर इशारों-इशारों में लगाया आरोप

Lagatar Desk :  राजद और परिवार से नाता तोड़ चुकीं लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर एक्स पर पोस्ट साझा कर तीखा हमला बोला है. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए तेजस्वी यादव और उनके करीबी सलाहकार संजय यादव को निशाने पर लिया है.  


 

रोहिणी आचार्य ने बिना किसी का नाम लिए लिखा कि बड़ी मेहनत और संघर्ष से खड़ी की गई एक “बड़ी विरासत” को खत्म करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती. उन्होंने आगे कहा कि इसके लिए अपने और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी “नए बने अपने” ही काफी होते हैं. 

 

बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी "बड़ी विरासत" को तहस - नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, "अपने" और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" ही काफी होते हैं ..

हैरानी तो तब होती है , जब "जिसकी" वजह से पहचान होती है , जिसकी वजह से वजूद होता है , उस पहचान, उस वजूद के…

— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 10, 2026

 

पहचान मिटाने की कोशिश का लगाया आरोप

उन्होंने आगे लिखा कि सबसे ज्यादा हैरानी तब होती है जब जिसकी वजह से पहचान और वजूद मिलता है, उसी पहचान और अस्तित्व के निशान को बहकावे में आकर मिटाने व हटाने पर अपने ही लोग उतारू हो जाते हैं. 

 

अहंकार और विवेक पर टिप्पणी

रोहिणी ने अपने पोस्ट में आगे लिखा है कि जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है और अहंकार सिर पर चढ़ जाता है, तब विनाशक शक्तियां ही आंख, कान और नाक बनकर इंसान की बुद्धि और विवेक को हर लेती हैं. 

 

हार के बाद शुरू हुआ विवाद

दरअसल बिहार विधानसभा चुनाव में राजद के खराब प्रदर्शन के बाद से ही रोहिणी आचार्य लगातार रणनीतिकार संजय यादव की भूमिका पर सवाल उठाती रही हैं. उनका कहना है कि चुनावी हार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, लेकिन जब उन्होंने इस पर सवाल उठाया तो उन्हें परिवार के भीतर ही अपमान और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा. रोहिणी ने पहले यह आरोप भी लगाया था कि उनके साथ बदसलूकी हुई और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश तक की गई. 

 

तेजस्वी से नाराजगी खुलकर आई सामने

रोहिणी आचार्य ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि चुनावी रणनीति के लिए जिम्मेदार लोग ही हार का जवाब दें. उन्होंने तेजस्वी यादव और संजय यादव पर सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी. उस समय उन्होंने चाणक्य शब्द का इस्तेमाल करते कहा था कि जो खुद को रणनीतिकार बताता था, वही हार का जिम्मेदार है. 

 

तेजप्रताप भी जयचंद से कर चुके हैं आगाह

गौरतलब है कि तेजप्रताप यादव भी पहले संजय यादव को लेकर तेजस्वी यादव को आगाह करते रहे हैं. तेजप्रताप ने उन्हें जयचंद तक कहा था. हालांकि बाद में व्यक्तिगत कारणों के चलते लालू यादव के निर्देश पर तेजप्रताप को पार्टी और परिवार से छह वर्षों के लिए अलग कर दिया गया. 

 

सियासी हलकों में बढ़ी बेचैनी

रोहिणी आचार्य के इस पोस्ट के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. राजद की ओर से फिलहाल इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. लेकिन माना जा रहा है कि रोहिणी का यह बयान सीधे तौर पर राजद के अंदरूनी हालात और नेतृत्व के फैसलों पर सवाल खड़े करती है.  

 

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