Search

 
 
 

गयाजी जंक्शन पर RPF की कार्रवाई, दून एक्सप्रेस से 102 जिंदा कछुए बरामद

वन्यजीव की लगातर हो रही तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में गुरूवार देर रात गयाजी रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन विलेप के तहत वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है.
 

Gayaji : वन्यजीव की लगातार हो रही तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में गुरूवार देर रात गयाजी रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन विलेप के तहत वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है.

 

आरपीएफ की संयुक्त टीम ने गया जंक्शन पर गश्त के दौरान दून एक्सप्रेस से 102 जिंदा कछुए बरामद किए हैं, जिन्हें सुरक्षित रूप से वन विभाग को सौंप दिया गया. 

 

यह कार्रवाई गुरुवार रात की है. स्टेशन परिसर में अपराध नियंत्रण और निगरानी के लिए संयुक्त गश्त की जा रही थी. इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर खड़ी ट्रेन संख्या 13010 दून एक्सप्रेस के कोच एस-3 की तलाशी ली गई.

 

तलाशी के दौरान कोच में रखे पांच पिठू बैग और एक झोला संदिग्ध अवस्था में पाया गया. जब आरपीएफ टीम ने बैगों को खोला तो उनमें 102 कछुए पाए गए. आसपास बैठे यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी इन बैगों पर अपना दावा नहीं किया.

 

इसके बाद सभी बैग जब्त कर कछुओं को सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट गया लाया गया. बरामद कछुओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 51 लाख रुपये बताई जा रही है. आरपीएफ ने बीते दिनों नेताजी एक्सप्रेस के जनरल कोच से 76 जिंदा कछुओं को बरामद किया था. 


आरपीएफ निरीक्षक प्रभारी बनारसी यादव ने बताया कि कछुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित और अमूल्य प्रजाति है. प्रारंभिक जांच में मामला अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. तत्काल इसकी सूचना गया वन विभाग को दी गई.

 

सूचना मिलने पर वन विभाग की रेंज अधिकारी सुश्री आरती कुमारी आरपीएफ पोस्ट पहुंचीं, जहां सभी 102 कछुओं को अग्रिम कार्रवाई और संरक्षण के लिए सुरक्षित रूप से वन विभाग को सौंप दिया गया.

 

अधिकारियों ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल न केवल रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और तस्करी रोकने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है. इस सफलता से तस्करों को बड़ा झटका लगा है और आगे भी ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे.

 

इस संयुक्त कार्रवाई में आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार, सहायक निरीक्षक अनिल कुमार चौधरी, उप निरीक्षक मुकेश कुमार, प्रधान आरक्षी महेश ठाकुर सहित आरक्षी राकेश कुमार सिंह, अमित कुमार, देवेंद्र प्रसाद, विपिन कुमार और सीपीडीएस टीम गया की अहम भूमिका रही.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही