Search

 
 
 

RU अकादमिक काउंसिल की बैठक में 37 एजेंडों पर मुहर, नए कोर्स व संरचनात्मक बदलावों को मंजूरी

Ranchi : रांची विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल की बैठक बुधवार को मास कॉम सभागार में कुलपति प्रो. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई. कुलपति बनने के बाद प्रो. शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित यह पहली अकादमिक काउंसिल बैठक थी, जिसमें 37 महत्वपूर्ण प्रस्तावों और एजेंडों को मंजूरी दी गई.
 

Ranchi : रांची विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल की बैठक बुधवार को मास कॉम सभागार में कुलपति प्रो. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई. कुलपति बनने के बाद प्रो. शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित यह पहली अकादमिक काउंसिल बैठक थी, जिसमें 37 महत्वपूर्ण प्रस्तावों और एजेंडों को मंजूरी दी गई.

 

बैठक की शुरुआत रजिस्ट्रार डॉ. राजकुमार शर्मा के स्वागत एवं परिचय संबोधन से हुई. इसके बाद कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन का है और विश्वविद्यालयों को बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ना होगा. उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge System) और MOOCs आधारित शिक्षण पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई.

 

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय को छात्रों की जरूरतों और वैश्विक शैक्षणिक बदलावों के अनुरूप लगातार परिष्कृत करना होगा. बैठक के दौरान विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद निर्णय लिए गए.

 

बैठक के प्रमुख निर्णय

रांची विश्वविद्यालय में एमए/एमएससी इन स्टैटिस्टिक्स पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा.
पीजी गणित विभाग में एमएससी इन डाटा साइंस की पढ़ाई प्रारंभ करने को मंजूरी.
एमए इन एजुकेशन पाठ्यक्रम जल्द शुरू किया जाएगा.
विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर IKS (Indian Knowledge System) स्थापित करने पर सहमति.
आईक्यूएसी के प्रस्ताव के तहत ‘डायस्पोरा स्टडीज सेंटर’ स्थापित करने का निर्णय. इसका उद्देश्य विदेशों में रहने वाले भारतीयों को झारखंड-बिहार की भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना होगा.
मैनेजमेंट स्टडीज, योग, परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट और लीगल स्टडीज विभागों के नाम में अब ‘स्कूल’ जोड़ा जाएगा.
विश्वविद्यालय की नई डिग्री और प्रमाणपत्र बारकोड युक्त प्रारूप में जारी किए जाएंगे.
एमबीए के बाद पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों की डिग्री पर ‘Doctor of Philosophy in Management’ अंकित किया जाएगा.
कॉलेजों में संचालित पीजी पाठ्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का निर्णय.
डिग्री प्रमाणपत्रों में यूजीसी नियमों के अनुसार विषय और संकाय का नाम प्रिंट किया जाएगा.
पीजी रसायन विज्ञान विभाग में छह माह का पीएचडी कोर्स वर्क शुरू करने का प्रस्ताव पारित. साथ ही पूरे विश्वविद्यालय में पीएचडी कोर्स वर्क को एकरूप बनाने का निर्णय.
पीएफए विभाग में चार नए स्नातक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे.
यह भी तय किया गया कि कोई भी सर्टिफिकेट कोर्स एक वर्ष से कम अवधि का नहीं होगा.
किसी स्किल बेस्ड कोर्स में 10 से कम नामांकन होने पर उसे बंद करने पर विचार किया जाएगा.

 

बैठक में रजिस्ट्रार द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किए गए. सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर भी विचार किया गया. कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि जिन विभागों में छात्रों की संख्या कम है, वहां नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे. उन्होंने विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट को मजबूत करने के लिए जॉब फेयर आयोजित करने की भी बात कही. बैठक के अंत में निदेशक विद्यार्थी सहायता डॉ. सुदेश साहु ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही