Ranchi : रांची विश्वविद्यालय में एम.एससी. डाटा साइंस कोर्स होगा शुरू. इसको प्रारंभ करने की दिशा में आज कुलपति डॉ. डी. के. सिंह की अध्यक्षता में पाठ्यक्रम समिति की बैठक आईक्यूएसी (IQAC) सेल में आयोजित की गई. कुलपति डॉ. सिंह ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए और प्रस्तावित पाठ्यक्रम पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए.
अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि वर्तमान समय में डाटा साइंस जैसे व्यावसायिक एवं कौशल-आधारित पाठ्यक्रमों की अत्यंत आवश्यकता है. उन्होंने अंतिम सेमेस्टर में उद्योगों में अनिवार्य इंटर्नशिप सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव मिल सके और उनके कैरियर निर्माण में सहायता प्राप्त हो.
बैठक में विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहू एवं आईक्यूएसी निदेशक डॉ. ए. के. डेल्टा उपस्थित रहे. दोनों ने पाठ्यक्रम की संरचना, गुणवत्ता और उपयोगिता के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए.
बैठक का प्रारंभ पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. आशीष कुमार झा ने किया. उन्होंने एम.एससी. डाटा साइंस के प्रस्तावित पाठ्यक्रम, प्रवेश योग्यता, शुल्क संरचना तथा शैक्षणिक रूपरेखा पर विस्तार से जानकारी दी और सदस्यों को विचार-विमर्श हेतु आमंत्रित किया. इसके पश्चात सदस्य सचिव डॉ. घनश्याम प्रसाद ने ड्राफ्ट सिलेबस प्रस्तुत किया, जिस पर बिंदुवार गहन चर्चा की गई.
बैठक में विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विषय-विशेषज्ञ ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से शामिल हुए. भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद के डॉ. मनीष कुमार ऑनलाइन जुड़े और पाठ्यक्रम को उद्योग-उन्मुख एवं समसामयिक बनाने के सुझाव दिए. राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, रांची के वैज्ञानिक-डी डॉ. जे. के. शाह एवं वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी डॉ. सचिन कुमार धर द्विवेदी ने भी अपने विचार रखे. वहीं बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा से डॉ. जया पाल, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, रांची से डॉ. शशिकांत तथा अमिटी विश्वविद्यालय से डॉ. मोहित कुमार ऑफलाइन उपस्थित होकर पाठ्यक्रम की समीक्षा की और इसे अधिक व्यवहारिक व शोधोन्मुख बनाने के सुझाव दिए.
बैठक में निर्णय लिया गया कि सत्र 2025–26 से एम.एससी. डाटा साइंस कार्यक्रम 30 सीटों के साथ प्रारंभ किया जाएगा. विस्तृत चर्चा के उपरांत बोर्ड ऑफ स्टडीज़ का गठन भी किया गया, जिसे अनुमोदन के लिए विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा.
बैठक का समापन अपराह्न लगभग 2:00 बजे किया गया. अगली बैठक की तिथि 10 मार्च निर्धारित की गई है. अंत में सदस्य सचिव डॉ. घनश्याम प्रसाद ने उपस्थित सभी विद्वानों एवं विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त किया.
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