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25 लाख के जेनरेटर के लिए सदर अस्पताल ने चुकाया 40 लाख भाड़ा

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Ranchi: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच संसाधन की कमी हो रही थी. अस्पतालों में बेड बढ़ाये जा रहे थे. जीवन रक्षक मशीनें लगाई गईं और मशीन को चलाने के लिए बिजली की जरूरत थी. इसके लिए सदर अस्पताल में 500 केवीए का जनरेटर भाड़े पर मंगाया गया. अस्पताल में यह जनरेटर पिछले 1 साल से भी अधिक समय से इस्तेमाल किया जा रहा है. जिसका किराया लाखों में है.

500 केवीए के जेनरेटर के प्रतिदिन का किराया 10 से 15 हजार

जहां से किराय पर यह जनरेटर मंगाया गया था उनसे बात करने पर मालूम चला कि जेनरेटर के एक दिन का किराया 15 हजार है. इलेक्ट्रिकल एंड लाइट कंपनी के संचालक ने बताया कि यदि आपको लंबे वक्त के लिए 500 केवीए का जेनरेटर भाड़े पर चाहिए तो रेट कुछ कम हो सकता है. मसलन सदर अस्पताल में 10 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भी जेनरेटर का किराया चुकाया गया होगा तो एक साल का किराया 36 लाख 50 हजार रुपए होता है. वहीं मिली जानकारी के मुताबिक जेनरेटर एक साल से भी अधिक समय से सदर अस्पताल में है. ऐसे में किराये के रूप में 40 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है.

जिस कंपनी का जनरेटर किराये पर लिया उसकी कीमत 25 से 30 लाख के बीच

वहीं 500 केवीए जेनरेटर की बाजार में कीमत 25 से 30 लाख रुपये है. ऐसे में जितना किराया सदर अस्पताल प्रबंधन ने इलेक्ट्रिकल एंड लाइट कंपनी को भुगतान किया. उतनी राशि में प्रबंधन खुद की जनरेटर खरीद सकती थी.

आपातकालीन सेवा के लिए रखा गया है जेनरेटर

वहीं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एस मंडल ने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जनरेटर को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए रखा गया है. उन्होंने कहा कि यदि कोरोना के मरीज बढ़ते हैं तो जेनरेटर का इस्तेमाल किया जाएगा. इसे भी पढ़ें-बुजुर्ग">https://lagatar.in/elderly-couple-lost-young-son-doctors-are-not-signing-insurance-claim-form/">बुजुर्ग

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