Ranchi: सदर अस्पताल रांची के ऑडिटोरियम में शुक्रवार को जिला स्तरीय सहिया सम्मेलन सह सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस अवसर पर सिविल सर्जन रांची डॉ प्रभात कुमार, डॉ मुकेश मिश्रा, डॉ राहुल किशोर, डॉ अमरेंद्र कुमार, डॉ असीम कुमार माझी, अनिमा किस्कू, अजय शर्मा, मनीर अहमद, प्रवीण कुमार सिंह, प्रीति चौधरी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सहिया दीदी उपस्थित रहीं. कार्यक्रम का थीम “Celebrating community leaders” रखा गया था.
कार्यक्रम की शुरुआत जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रीति चौधरी ने की. उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सहिया दीदी का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है.
अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि सहिया दीदियों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर किया जाए, ताकि उनका मनोबल बना रहे. उन्होंने बताया कि राज्य की 57 सहिया दीदियां पीआरआई मेंबर बनी हैं, जो गर्व की बात है.
उन्होंने कहा कि सुरक्षित प्रसव, मातृ और शिशु स्वास्थ्य तथा टीकाकरण कार्यक्रम को सफल बनाने में सहिया दीदियों की अहम भूमिका रही है. उन्होंने यह भी बताया कि 14 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीका लगाया जा रहा है. इस अभियान को सफल बनाने में सहिया दीदियों की महत्वपूर्ण भूमिका है.
कार्यक्रम के दौरान सहिया दीदियों की प्रेरणादायक कहानियां भी साझा की गईं. अनगड़ा प्रखंड की सहिया दीदी रासो देवी की बेटी इंजीनियर बनकर पुणे में नौकरी कर रही है. कांके प्रखंड की सहिया दीदी पूर्णिमा टोप्पो की बेटी नीलिमा टोप्पो एयर होस्टेस के रूप में हांगकांग की एयरलाइंस में कार्य कर रही हैं. बेड़ो प्रखंड की सहिया दीदी पुष्पा देवी की बेटी हैदराबाद में एक कंपनी में रिसर्च ऑफिसर के रूप में काम कर रही है. वहीं सहिया दीदी शांति देवी का बेटा अहमदाबाद में इंजीनियर के रूप में कार्यरत है.
सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि सहिया दीदी ग्रामीण और शहरी समुदाय में स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं. उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल में सीटी स्कैन, एमआरआई, मैमोग्राफी सहित कई तरह की जांच आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क की जा रही है.
उन्होंने यह भी बताया कि अगले सप्ताह से सदर अस्पताल में पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग शुरू किया जाएगा, जो झारखंड के किसी सरकारी अस्पताल में पहली बार होगा. साथ ही यहां प्लास्टिक सर्जरी और स्किन ग्राफ्टिंग का इलाज भी किया जा रहा है और जल्द ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट भी शुरू होने वाली है.
डॉ मुकेश मिश्रा ने कहा कि गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सहिया दीदियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. वे समुदाय और स्वास्थ्य विभाग के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में काम करती हैं. डॉ राहुल किशोर ने कहा कि सहिया समुदाय की पहली स्वास्थ्य मार्गदर्शक होती हैं और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करती हैं. उन्होंने सहिया दीदियों को अपने क्षेत्र में व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लोगों तक पहुंचाने की सलाह दी.
कार्यक्रम के दौरान बेहतर कार्य करने वाली सहिया दीदियों और सभी प्रखंडों से कुल 30 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के अंत में जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment