Jamtara: जामताड़ा जिला प्रशासन बालू मफियाओं के समक्ष पूरी तरह नतमस्तक हो चुकी है. एनजीटी की रोक के बाद भी अजय नदी से रात-दिन बालू का अवैध खनन किया जा रहा है. जिस इलाके में खनन की जा रही है, वो विधानसभा क्षेत्र रविन्द्रनाथ महतो का है. इसी जिला से झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी भी आते हैं. जिला प्रशासन ने एनजीटी की रोक को सख्ती से लागू करने के लिए बालू का अवैध खनन और परिवहन रोकने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया था. जिसमें जिला के तमाम शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं. इसके बावजूद भी नदी में जेसीबी लगाकर नदियों से बालू धड़ल्ले से निकाली जा रही है.
बारिश में बालू निकालना जैव विविधता और पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या बन जाता है. जानकार बताते हैं कि अवैध बालू का खेल जिला प्रशासन की जानकारी में चल रहा है. जिसमें सभी की हिस्सेदारी तय है. पिछले माह दो-तीन दिन अवैध बालू खनन का काम रुका था, लेकिन फिर से खनन कार्य शुरू कर दिया गया है.

लाल घेरे में बालू छानने की मशीन
स्थानीय लोगों के अनुसार, पाथरघट्टा, महेशमुंडा, बांखेत, बागकुड़ी सहित अजय नदी के कई घाटों से बालू निकालकर बड़े पैमाने पर तस्करी की जा रही है. स्थानीय लोगों का दावा है कि अजय नदी से प्रतिदिन 50 से 60 हाइवा बालू निकाला जाता रहा है. यह बालू जामताड़ा से पश्चिम बंगाल के धुलियान, मालदा, मुरारई, रामपुरहाट, मुर्शिदाबाद और बहरामपुर सहित कई इलाकों तक भेजा जाता है. कुछ स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि इसी नेटवर्क के माध्यम से बालू की खेप बांग्लादेश तक पहुंचाई जाती है.
जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने टास्क फोर्स का गठन कर रखा है. इस टास्क फोर्स में प्रशासन, पुलिस, खनन विभाग, परिवहन विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल हैं. इसके बावजूद लंबे समय तक अवैध खनन और परिवहन जारी रहना टास्क फोर्स की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

अजय नदी में अवैध खनन करते माफिया
घोष बाबू और महतो जी के नाम की चर्चा
स्थानीय स्तर पर कहा जा रहा है कि घोष बाबू और महतो जी को राजनीतिक के साथ-साथ जिला प्रशासन का भी संरक्षण है. अजय नदी से बालू खनन और उसके परिवहन का पूरा नेटवर्क कथित तौर पर घोष बाबू और महतो जी के संरक्षण में चल रहा है. घाटों से लेकर बालू की स्टॉकिंग और भारी वाहनों के जरिए उसके परिवहन तक पूरी व्यवस्था बेहद संगठित तरीके से चलाई जाती है.
नाला प्रखंड के कई घाट पर अवैध खनन
अजय नदी के अलावा नाला प्रखंड के कास्ता, बागकुड़ी, महेशमुंडा सहित कई क्षेत्रों में भी अवैध बालू खनन और उठाव की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय नदी से बालू निकाला जाता है, जबकि रात के अंधेरे और तड़के सुबह भारी वाहनों के माध्यम से उसका परिवहन किया जाता है, ताकि प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके.

अजय नदी में बालू के अवैध खनन की तस्वीर
कार्रवाई होगीः डीसी
मामले में जामताड़ा उपायुक्त आलोक कुमार को लगातार संवाददाता ने मामले की जानकारी दी तो उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच करवायी जायेगी.
प्रशासन के सामने कई सवाल
जब एनजीटी की रोक लागू है, टास्क फोर्स सक्रिय है और प्रशासन लगातार निगरानी का दावा करता है, तो फिर नदी जेसीबी और ट्रैक्टर कैसे खड़े हैं? बालू छानने की मशीन नदी में किसके संरक्षण में लगाया गया है? इनके पीछे कौन लोग हैं और अवैध खनन व परिवहन में शामिल लोगों पर प्रशासन कब तक कार्रवाई करेगा? इन सवालों के जवाब का इंतजार पूरे इलाके को है.
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