Ranchi News: रांची विश्वविद्यालय में लंबे समय से सफाई कर्मी के रूप में काम कर रही लक्ष्मी देवी का मानदेय के भुगतान 2019 से बकाया है. जिसेके लिए वो विश्वविद्यालय प्रशासन से लगातार गुहार लगा रही हैं. उनका कहना है कि वर्षों से काम करने के बावजूद उन्हें नियमित रूप से मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
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लक्ष्मी देवी ने बताया वह वर्ष 2000 से बंगला विभाग एवं परीक्षा विभाग में सफाई कर्मी के रूप में काम कर रही हैं. आवेदन में उन्होंने दावा किया है कि बंगला विभाग से वर्ष 2019 से और परीक्षा विभाग से जून 2022 से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण उन्हें परिवार का खर्च चलाने में परेशानी हो रही है.

मानदेय भुगतान को लेकर आवेदन
अपनी समस्या के समाधान के लिए लक्ष्मी देवी ने 15 अगस्त 2026 को कुलपति से मुलाकात कर अपनी परेशानी बताई थी. उन्होंने बताया कि कुलपति ने उन्हें रजिस्ट्रार के समक्ष आवेदन देने को कहा. इसके बाद उन्होंने रजिस्ट्रार को आवेदन सौंपते हुए वर्षों से बकाया मानदेय का भुगतान कराने के लिए कार्रवाई की मांग की है.
वहीं, बंगला विभाग के तत्कालीन विभागाध्यक्ष डॉ. एस.के. सीत की ओर से 2 मई 2011 को तत्कालीन कुलपति को लिखे पत्र में भी लक्ष्मी देवी के कार्य का उल्लेख मिलता है. पत्र में उन्हें विभाग की सफाई व्यवस्था संभालने वाली कर्मी बताते हुए उनके मामले पर विचार करने का अनुरोध किया गया था.
लंबे समय से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण लक्ष्मी देवी आर्थिक परेशानियों से जूझ रही हैं. परिवार की जरूरतों को पूरा करने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. बकाया मानदेय के भुगतान के लिए वह लगातार संबंधित अधिकारियों से मदद की गुहार लगा रही हैं.
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