जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार किया था
शिकायतकर्ता राकेश कुमार व अन्य ने संजीवनी बिल्डकॉन से 4.5 एकड़ जमीन खरीदी थी. राकेश कुमार ने आरोप लगाया कि जिस जमीन का म्यूटेशन दिखाया गया, वेरिफिकेशन में वह गलत पाया गया. सर्किल इंस्पेक्टर संजय कुमार ने संजीवनी बिल्डकॉन के साथ मिलकर धोखाधड़ी करते हुए किसी दूसरे खाते की जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार किया था.22 अप्रैल 2012 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी
इसी पेपर के आधार पर संजीवनी बिल्डकॉन ने ग्राहकों को यह जमीन बेच दी. इस मामले में 22 अप्रैल 2012 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी. बाद में इस मामले को सीबीआई ने टेकओवर कर लिया. बता दें कि संजीवनी बिल्डकॉन द्वारा किया गया भूमि घोटाला झारखंड का अब तक का सबसे बड़ा भूमि घोटाला है. इस मामले का मुख्य आरोपी जयंत दयाल नंदी तक अभी भी जांच एजेंसियां नहीं पहुंच पाई हैं. इसे भी पढ़ें – रूपेश">https://lagatar.in/rupesh-pandey-murder-case-hc-asked-why-the-investigation-should-not-be-given-to-the-cbi-directed-the-government-to-file-a-reply/">रूपेशपांडेय हत्याकांड: HC ने पूछा, क्यों न CBI को दी जाए जांच, सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश [wpse_comments_template]

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