Saraikela : जिले के चांडिल रेंज में जंगली हाथियों का आतंक थम नहीं रहा है. यहां कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र स्थित कुकड़ू गांव में रविवार की शाम करीब 7 बजे हाथी ने मुनि राम गोराई (50 वर्षीय) को पटक-पटककर मार डाला.
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया. साथ ही इलाके से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की.
बताया जाता है कि मुनि राम गोराई गांव के समीप निचले क्षेत्र में थे, तभी अचानक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया. गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण शव के साथ कुकड़ू-नीमडीह मुख्य सड़क पर बैठ गए और जाम कर दिया. ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हाथी के स्थायी समाधान की मांग की.
लोगों का कहना है कि बीते कई दिनों से हाथी अलग-अलग गांवों में घूमकर उत्पात मचा रहा है, जिससे शाम होते ही लोग घरों में कैद रहने को मजबूर है. उन्होंने वन विभाग से हाथी को जल्द जंगल की ओर खदेड़ने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की.
23 दिनों में 4 लोगों की गई जान
बता दें कि बीते 23 दिनों में हाथी के हमले से कई लोगों की जान जा चुकी है. 11 अप्रैल को सापारुम गांव में राधा तांती और 25 अप्रैल को ईचागढ़ के हाड़ात गांव में चाइना देवी व उनकी बेटी अमिता कुमारी की हाथी के हमले से मौत हुई थी.
वहीं, बीती रात हाथी के हमले से मुनि राम गोराई की जान चली गई. इस तरह साल 2026 में अब तक हाथी के हमले से चार लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि वर्ष 2025 में भी दो लोगों की जान गई थी.
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