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Saraikela News :  झुंड से बिछड़े टस्कर हाथी का आतंक, नाराज ग्रामीण वन विभाग कार्यालय पहुंचे, अधिकारी नहीं मिलने पर जताया विरोध

जिले के चांडिल वन क्षेत्र के ईचागढ़ प्रखंड स्थित मैसाड़ा और कालीचामदा गांव में पिछले 15 से 20 दिनों से झुंड से बिछड़ा एक टस्कर हाथी का आतंक जारी है. हाथी के रोजाना गांव में घुसकर घरों को नुकसान पहुंचा रहा है., जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है.
 

Saraikela :   जिले के चांडिल वन क्षेत्र के ईचागढ़ प्रखंड स्थित मैसाड़ा और कालीचामदा गांव में पिछले 15 से 20 दिनों से झुंड से बिछड़ा एक टस्कर हाथी का आतंक जारी है. हाथी के रोजाना गांव में घुसकर घरों को नुकसान पहुंचा रहा है., जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है. 

 

हाथी के आंतक से परेशान सैकड़ों ग्रामीण शुक्रवार को चांडिल स्टेशन बस्ती स्थित वन विभाग कार्यालय पहुंचे.  लेकिन वहां कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं मिला, जिससे नाराज होकर ग्रामीणों ने वनपाल और वनरक्षी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

 

ग्रामीणों ने टस्कर हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेजने और गांवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की. साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे. 

 

ग्रामीणों का कहना है कि हाथी लगभग हर शाम गांव में पहुंच जाता है और घरों को नुकसान पहुंचाता है. इतना ही नहीं घरों में रखे धान, चावल, आम और कटहल भी खा जाता है. हाथी के डर से लोग पूरी रात जागकर अपने परिवार और घरों की सुरक्षा करने को मजबूर हैं.  ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे नुकसान के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है. 

 

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग की कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित है. उनका यह भी कहना है कि जंगल क्षेत्र में अवैध बालू भंडारण और एनओसी जारी किए जाने से हाथियों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है. भोजन और पानी की तलाश में ही हाथी गांवों की ओर आ रहे हैं. हालांकि इन आरोपों पर वन विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

 

 

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