Ranchi News: "मैं सरकार की नौकरी कर रही हूं. किसी मिशनरी की दलाली नहीं कर रही." आईआरएस अधिकारी निशा उरांव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर यह बात लिखी है. उन्होंने कहा कि जो सरना आदिवासी बिकाऊ नहीं होते, वे 'मिशनरियों' और 'वैटिकन-वासियों' के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं.
निशा उरांव ने अपने पोस्ट में आगे लिखा है कि मिशनरी की दलाली नहीं करने के कारण ही वह वैटिकन वासियों की बहुत बड़ी सिर-दर्द हैं. उन्होंने इसे 'धर्म युद्ध' करार दिया है. उन्होंने कहा कि हम नुकसान और अपमान सहेंगे. लेकिन बिकेंगे नहीं और ना ही हार मानेंगे.
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अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि IRS या कमिश्नर का पद उनकी पहचान नहीं है. मेरी सबसे बड़ी पहचान है कि मैं सरना आदिवासी समाज की बेटी हूं. इस धर्म युद्ध में धर्म की जीत और अधर्म की हार होगी.
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