- निखार और हरेराम से डेढ़ साल पहले अलग होने का दावा
- जमीन पर कब्जे की बात पर निखार को किया था मना
- अशोक राघव के मोबाइल की जांच की मांग
- बन्ना गुप्ता और अपराधी गिरोहों के संबंधों पर सवाल
- सोशल मीडिया अभियान को सरयू राय ने बताया साजिश
Jamshedpur News: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे कथित दुष्प्रचार को लेकर पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सोमवार को फेसबुक लाइव के दौरान राय ने कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए आपराधिक घटनाओं से उनका नाम जोड़ा जा रहा है. पुराने साथियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालकर यह माहौल बनाया जा रहा है कि उनका अब भी अपराध से जुड़े लोगों से संपर्क है.
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सरयू राय ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर के साथ सवाल किए जा रहे हैं कि क्या वह जमशेदपुर में अपराधियों को संरक्षण देते हैं. उन्होंने इसे बिना किसी सबूत के चलाया जा रहा अभियान बताया. राय के अनुसार, फेक अकाउंट के जरिए भी उनके खिलाफ गलत सूचनाएं और पोस्ट लगातार शेयर की जा रही हैं.
सरयू राय ने निखार सबलोक और हरेराम सिंह का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि दोनों से उनका संपर्क करीब डेढ़ साल पहले ही खत्म हो चुका है. 2024 के विधानसभा चुनाव में निखार ने उनके लिए काम किया था, लेकिन इसके बाद वह उनसे अलग हो गया था. बाद में निखार की हत्या हो गई.
उन्होंने कहा कि पुराने संबंधों की तस्वीरों को आधार बनाकर अब उन्हें निखार और हरेराम की गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि दोनों के उनसे अलग होने के बाद उन्होंने क्या किया, इसके लिए वह जिम्मेदार नहीं हैं.
सरयू राय ने कहा कि करीब डेढ़ से दो साल पहले कदमा में एक जमीन को लेकर निखार सबलोक ने उनसे बात की थी. राय के मुताबिक, निखार उस जमीन पर कब्जा करना चाहता था. उन्होंने उसे साफ कह दिया था कि वह किसी भी तरह के कब्जे में उसकी मदद नहीं करेंगे.
सरयू ने बताया कि उन्होंने पहले ही प्रशासन से उस जमीन पर सरकारी संस्थान बनाने की बात कही थी. उनके अनुसार, इसी मामले के बाद निखार उनसे दूर हो गया. हरेराम सिंह भी करीब इसी समय उनसे अलग हो गए थे.
सरयू राय ने निखार सबलोक हत्याकांड में गिरफ्तार अशोक सिंह राघव के जब्त मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और व्हाट्सऐप चैट को जांच के दायरे में लाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मोबाइल में मौजूद बातचीत से कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हो सकता है.
उन्होंने कहा कि राघव ने उन्हें कुछ रिकॉर्डिंग सुनाई थी, जिनमें बन्ना गुप्ता से हुई कथित बातचीत भी शामिल थी. उन्होंने पुलिस से मांग की कि अशोक राघव और निखार सबलोक के मोबाइल से मिली रिकॉर्डिंग और दूसरी महत्वपूर्ण जानकारी की जांच की जाए.
सरयू राय ने जमशेदपुर में अपराधी गिरोहों के बीच बदलते समीकरण का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि शहर में कई गिरोह सक्रिय हैं और समय के साथ इनके बीच नजदीकियां बदलती रहती हैं.
सरयू ने आरोप लगाया कि निखार सबलोक की बन्ना गुप्ता से नजदीकी थी. उन्होंने कहा कि अशोक राघव के मोबाइल में मौजूद बताई जा रही रिकॉर्डिंग से भी कई बातें सामने आ सकती हैं. हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है.
उन्होंने ने भाजपा नेता अमित शर्मा को फोन पर कथित तौर पर गाली और धमकी दिए जाने का मामला भी उठाया. उन्होंने कहा कि अमित शर्मा ने इसकी शिकायत पुलिस से की है.
सरयू राय के मुताबिक, फोन पर हुई बातचीत में कई बार बन्ना गुप्ता का नाम लिया गया. उन्होंने दावा किया कि इस बातचीत की रिकॉर्डिंग साकची थाना में दी गई है. राय ने कहा कि रिकॉर्डिंग की जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है.
सरयू राय ने कहा कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर जिस तरह से पोस्ट किए जा रहे हैं, वह सामान्य राजनीतिक विरोध नहीं है. उनके अनुसार, पुराने सहयोगियों की तस्वीरों और आपराधिक मामलों का सहारा लेकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन झूठे आरोप और धमकी स्वीकार नहीं की जाएगी. राय ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर जल्द मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे.
सरयू राय ने कहा कि वह मुख्यमंत्री से मिलकर जमशेदपुर में चल रही राजनीतिक गतिविधियों और अपराध से जुड़े मामलों पर चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा कि वह किसी दबाव में चुप नहीं बैठेंगे और उनके खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगे.
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