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सॉ मिल व वुड बेस्ड इंडस्ट्रीज की दिक्कतें सामने, चैंबर ने वन विभाग से की निर्णय की अपील

Ranchi : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के टिम्बर ट्रेड व सॉ मिल एंड वुड बेस्ड इंडस्ट्रीज उप समिति की संयुक्त बैठक चैंबर भवन में शनिवार को हुई. बैठक में राज्य और स्थानीय स्तर पर टिम्बर ट्रेड और सॉ मिल उद्योग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई.

 

सॉ मिल एंड वुड बेस्ड इंडस्ट्रीज उप समिति के चेयरमैन तुलसी पटेल ने बताया कि स्थानीय और डीएफओ स्तर की कई पुरानी समस्याओं का समाधान रांची डीएफओ द्वारा किया जा चुका है और रांची क्षेत्र की सभी टिम्बर अनुज्ञप्तियों का नवीकरण पूरा कर लिया गया है. 


उन्होंने कहा कि कुछ अन्य लंबित मुद्दों को लेकर पूर्व में चैम्बर द्वारा पत्राचार किया गया था, जिस पर हाल ही में वन सचिव से मुलाकात कर चर्चा हुई है. वन सचिव ने इन मांगों को राज्य स्तरीय समिति को भेजने और समाधान का आश्वासन दिया है.

 

बैठक में अनुज्ञप्ति की अवधि पांच वर्ष किए जाने, नाम हस्तांतरण की प्रक्रिया को त्वरित बनाने, नॉमिनी का प्रावधान लागू करने और सभी साझेदारों के नाम अनुज्ञप्ति में दर्ज करने जैसी मांगें प्रमुख रूप से उठाई गईं. साथ ही आरा मिल में अतिरिक्त मशीनरी जोड़ने के लिए राज्य स्तरीय समिति से अनुमति की बाध्यता पर भी पुनर्विचार की मांग की गई.

 

तुलसी पटेल ने यह भी कहा कि वर्ष 2021 में राज्य स्तरीय समिति द्वारा 1996 से पूर्व स्थापित वैध आरा मिलों को वन सीमा से पांच किलोमीटर दूरी की शर्त से मुक्त करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन इसके क्रियान्वयन के लिए समिति की बैठक जरूरी है. चैम्बर उपाध्यक्ष राम बांगड़ ने राज्य स्तरीय समिति की नियमित बैठक कराने पर जोर दिया. बैठक में चैंबर पदाधिकारी और उद्योग से जुड़े सदस्य उपस्थित थे.

 

 

 

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