NewDelhi : तीस्ता सितलवाड दो महीने से कस्टडी में हैं. लेकिन अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है. यह मामला आईपीसी के गंभीर अपराध जैसे मर्डर आदि का नहीं है जिसमें किसी को शारीरिक हानि हुई हो. सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के बाद FIR हुआ है जबकि FIR में जजमेंट के अलावा कुछ खास कंटेंट नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने यह सवाल गुजरात सरकार से गुरुवार को करते हुए सुनवाई शुक्रवार के लिए टाल दी. इसे भी पढ़ें : पीएम">https://lagatar.in/pm-modi-dedicated-ins-vikrant-to-the-service-of-the-nation-said-india-is-witnessing-the-sunrise-of-a-new-future/">पीएम
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एफआईआर में जजमेंट के अलावा खास मैटेरियल दर्ज नहीं है
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस यूयू ललित की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि तीस्ता सितलवाड के खिलाफ जाकिया जाफरी की अर्जी सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने के बाद FIR दर्ज की गयी. कहा कि एफआईआर सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के एक दिन बाद दर्ज की गयी, लेकिन एफआईआर में जजमेंट के अलावा कोई खास मैटेरियल दर्ज नहीं है. आश्चर्य व्यक्त किया कि गुजरात हाई कोर्ट में अंतरिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई छह सप्ताह के लिए टाल दी गयी. इसे भी पढ़ें : ममता">https://lagatar.in/mamta-praise-rashtriya-swayamsevak-sangh-then-bjp-sangh-along-with-congress-owaisi-left-also-made-attack/">ममताको राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तारीफ पड़ी भारी, भाजपा, संघ के साथ कांग्रेस, ओवैसी, लेफ्ट ने भी हल्ला बोला