Ranchi : सरकार द्वारा विभिन्न सेवा संवर्गों के कर्मचारियों के लिए निर्धारित प्रोन्नति नियमावली में किये गये बदलाव के विरोध में सचिवाल सेवा संघ की आमसभा 12 जुलाई को होगी. संघ द्वारा आमसभा में आंदोलन की अगली रणनीति तय की जायेगी.
सचिवालय सेवा संघ का कहना है कि सरकार द्वारा प्रोन्नति के मामले में किये गये बदलाव की वजह से संघ के पदाधिकारी-कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे. संघ की ओर से यह दावा किया गया है कि बदले नियम के तहत एक साथ जूनियर इंजीनियर और सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO) की अगली प्रोन्नति पर ASO का ग्रेड पे कम हो जायेगा.
जूनियर इंजीनियर का ग्रेड-पे योगदान के समय 4200 रुपये रहता है. अगली प्रोन्नति के बाद जूनियर इंजीनियर का ग्रेड-पे 5400 रुपये हो जायेगा. सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के मूल कोटी का ग्रेड-पे 4600 रुपये है. प्रोन्नति के बाद उसका ग्रेड-पे 4800 रुपये होगा. इससे संघ के कर्मचारियों पदाधिकारियों को आर्थिक नुकसान होगा.
प्रोन्नति के नये नियम पर संघ का विरोध उस बिंदु पर है, जिसमें यह कहा गया है कि जिस सेवा संवर्ग में पहले से प्रोन्नति के लिए समय सीमा (कालावधि) निर्धारित है, उस संवर्ग में प्रोन्नति के लिए वही नियम लागू होगा.
प्रोन्नति के नियम में किये गये बदलाव का ब्योरा
- अगर मूल कोटी में प्रोबेशन पीरियड दो साल और ऊपर के पद पर प्रोन्नति के लिए दो या तीन साल निर्धारित है तो अगली प्रोन्नति के लिए कुल चार साल समय लगेगा. इसमें प्रोबेशन पीरियड का दो साल और अगली प्रोन्नति के लिए तीन के बदले दो साल का समय होगा.
- अगर किसी वेतन ग्रेड से दूसरे वेतन ग्रेड में प्रोन्नति के लिए समय निर्धारित नहीं है तो वैसी स्थिति में मध्य लेवल के समय सीमा (कालावधि) को जोड़कर प्रोन्नति के लिए समय सीमा निर्धारित किया जायेगा.
- जिस संवर्ग के लिए उच्च पदों पर प्रोन्नति के लिए पहले से समय सीमा निर्धारित है, उस संवर्ग में पहले का प्रावधान ही लागू रहेगा.
- जिस संवर्ग में प्रोन्नति के लिए समय सीमा निर्धारित नहीं है, उसमें 2014 के संकल्प का प्रावधान लागू होगा.
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