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SIR की सुनवाई में अलग-अलग विसंगतियों के लिए अलग दस्तावेज जरूरी नहीं

Ranchi News: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि जिन मतदाताओं की पिछली एसआईआर से मैपिंग उपलब्ध है, उनकी पात्रता मैपिंग के आधार पर भी स्थापित की जा सकती है. इसके लिए मतदाता के अलावा माता-पिता, दादा-दादी और नाना-नानी के नाम से भी मैपिंग की जा सकती है. बुजुर्ग मतदाताओं के पास जरूरी दस्तावेज नहीं होने पर उनके मतदाता सूची में दर्ज पुत्र-पुत्रियों के दस्तावेजों के आधार पर रिवर्स मैपिंग से भी सत्यापन किया जा सकता है.
 
के रवि कुमार

Ranchi News: झारखंड में एसआईआर-2026 के तहत मतदाता सूची में नाम और दस्तावेजों से जुड़ी विसंगतियों पर जारी नोटिस की सुनवाई को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने महत्वपूर्ण निर्देश दिये हैं. उन्होंने स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होने के अलग-अलग कारणों के आधार पर मतदाताओं को अलग-अलग दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है. सुनवाई में मुख्य रूप से तीन बातों की जांच होगी. संबंधित व्यक्ति भारतीय नागरिक है या नहीं, एक अक्टूबर 2026 तक उसकी उम्र 18 वर्ष पूरी हुई है या नहीं और वह संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र का सामान्य निवासी है या नहीं.


के रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, ईआरओ और एईआरओ को निर्देश दिया कि सुनवाई में इन्हीं पात्रता मानकों को प्राथमिकता दी जाये. उन्होंने कहा कि गणना प्रपत्र में गलत जानकारी भरने, पुरानी एसआईआर में गलत मैपिंग होने या पहले दर्ज विवरण में त्रुटि रहने के कारण मतदाता सूची में तार्किक विसंगतियां सामने आ सकती हैं. पुरानी एसआईआर की त्रुटियों को सुधारना मौजूदा सुनवाई का उद्देश्य नहीं है. इसका मुख्य मकसद पात्र भारतीय नागरिकों का मतदाता सूची में पंजीकरण सुनिश्चित करना है.

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पुरानी मैपिंग से भी स्थापित होगी पात्रता

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि जिन मतदाताओं की पिछली एसआईआर से मैपिंग उपलब्ध है, उनकी पात्रता मैपिंग के आधार पर भी स्थापित की जा सकती है. इसके लिए मतदाता के अलावा माता-पिता, दादा-दादी और नाना-नानी के नाम से भी मैपिंग की जा सकती है. बुजुर्ग मतदाताओं के पास जरूरी दस्तावेज नहीं होने पर उनके मतदाता सूची में दर्ज पुत्र-पुत्रियों के दस्तावेजों के आधार पर रिवर्स मैपिंग से भी सत्यापन किया जा सकता है. वहीं  जिन मतदाताओं की पुरानी एसआईआर से मैपिंग नहीं है, उनके मामलों में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों के आधार पर पात्रता की जांच होगी.


उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जिन मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है, उन्हें अंतिम आदेश के लिए तैयार किया जाये. केवल अपात्रता की श्रेणी में आने वाले मामलों में जरूरत के अनुसार दूसरा नोटिस जारी कर दोबारा सुनवाई की जाये.


10 अक्टूबर को सभी बूथों पर लगेगा मेगा हेल्पडेस्क

के रवि कुमार ने निर्देश दिया कि 10 अक्टूबर को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर मेगा हेल्पडेस्क लगाया जाये. यहां तैनात कर्मचारी मतदाताओं को नोटिस की सुनवाई, दावा-आपत्ति और मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी देंगे. उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक जानकारी या दस्तावेजों के अभाव में मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए.


इसके लिए जनजातीय समुदायों, पिछड़े वर्गों, दिव्यांगों, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों के बीच विशेष आउटरीच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेने और उनके समाधान के लिए कदम उठाने को कहा गया.


फॉर्म-6, 7 और 8 के डिजिटाइजेशन में तेजी लाने का निर्देश

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बीएलओ के माध्यम से प्राप्त फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के डिजिटाइजेशन में तेजी लाने को कहा. इसके लिए सोमवार तक विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया गया. साथ ही बीएलओ से प्रमाणपत्र लेने को कहा गया कि उनके क्षेत्र में कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित नहीं है और पात्र लोगों को जोड़ने के लिए जरूरी कार्रवाई की गयी है.

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