: एनआईटी में राज्यपाल के कार्यक्रम में मीडिया को कोविड जांच के बाद भी नहीं मिला प्रवेश जबकि उड़ीसा एवं बिहार राज्य में यह लाभ मिल रहा है. बिहार और झारखण्ड जनजातीय कल्याण शोध संस्थान रांची के प्रासंगिक प्रतिवेदन से पता चलता है कि पान एवं तांती जाति दोनो एक हैं. तांत से कपड़ा बुनाई का काम करने के कारण ही इनका उपाधि तांती हो गई. वास्तव में तांती कहे जाने वाले पान जाति के ही हैं.
प्रतिनिधि मंडल में ये रहे उपस्थित
पान तांती स्वासी कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव विजय कुमार दास, जिला अध्यक्ष निर्मल बागती, उपाध्यक्ष बांछनिधि केशरी, संगठन सचिव गोपचन्द दास एवं सह सचिव देवेंद्र पान थे.
[wpse_comments_template]

Leave a Comment