सुपरिटेंडेंट सस्पेंड, एडीएम नंद किशोर लाल नियुक्त हुए प्रशासक
कोर्ट फी में संशोधन किया जाए
[caption id="attachment_368686" align="aligncenter" width="576"]alt="" width="576" height="1280" /> सूना पड़ा सरायकेला बार भवन.[/caption] अधिवक्ताओं के अनुसार कोर्ट फी की अप्रत्याशित वृद्धि वहन करना इस जिले में आम लोगों के लिए बहुत कठिन हो जाएगा. जिले की आधी से अधिक आबादी गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करती है. फी बढ़ोतरी के कारण जरूरत पड़ने पर सुलभ न्याय प्राप्त करना उनके लिये कठिन हो जायेगा और कुछ लोग वंचित भी रह जाएंगे. सबके लिए सुलभ न्याय इस स्थिति में प्राप्त करना कठिन हो जाएगा. अधिवक्ता भी चाह कर उन्हें ऐसी स्थिति में सहयोग नहीं कर सकेंगे. सही मायने में सबके लिये सुलभ न्याय उपलब्ध तभी होगा जब न्यायिक सेवा का खर्च वहन करने योग्य हो. इस पर मानवीयता के आधार पर पुनर्विचार करते हुए संशोधन किया जाना चाहिये. [wpse_comments_template]

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