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समस्या दिनों दिन उलझती ही जा रही है
ऐसे तो खरकाई नदी के प्रकृति प्रदत्त खनिज संपदा बालू का वर्षों पूर्व माफिया एवं विभागीय गठजोड़ के कारण बालू विहीन हो गया है. प्रतिवर्ष नदी में बाढ़ के साथ बह कर आये बालू पर ही क्षेत्र के निर्माण कार्य अब चल रहे हैं. बालू उठाव के मामले में सरकार के ढुलमुल नीति के कारण यह समस्या दिनोंदिन उलझती ही जा रही है. बालू घाटों की बंदोबस्ती नहीं किये जाने के बावजूद बालू का नदी से उठाव हो रहा है. इस बात से न तो सरकार अनजान है और न ही सम्बन्धित दर्जनों सरकारी विभाग. गरीबों की आवास योजना हो या बड़े बड़े निर्माण कार्य सभी कार्यों में बालू की आवश्यकता पड़ती है. और कार्य भी निरन्तर जारी हैं. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-elephant-thrashed-a-girl-who-went-to-defecate-in-bodam-condition-critical/">जमशेदपुर: बोड़ाम में शौच करने गयी बच्ची को हाथी ने पटका, हालत नाजुक
परेशान होते है ट्रैक्टर वाले
गरीबों के आवास योजनाओं के कार्य प्रगति की रिपोर्ट सरकारी पदाधिकारी प्रतिमाह लेते हैं. कार्यप्रगति के आधार पर ही उन्हें भुगतान भी किया जाता है. निर्माण कार्य के सम्बन्धित ठेकेदार भी निर्धारित समय सीमा के अंदर कार्य पूर्ण नहीं करते तो एक निश्चित राशि की कटौती विभाग द्वारा किया जाता है. अगर क्षेत्र में बालू उठाव पर ही प्रतिबंध रहे तो ये कार्य कैसे हो रहे हैं. इसकी जानकारी जिला खनन टास्क फोर्स को भी अप्रत्यक्ष रहती है एवं सरकार को भी. इस लड़ाई में मैनेज के चक्कर मे बालू मंहगी होती जा रही है. साथ परेशान होते रहते हैं अल्प पूंजी से रोजी रोटी चलाने को बाध्य ट्रैक्टर वाले. जिन्हें विविध कानूनों के उलंघन के नाम पर जब मर्जी बालू घाटों से पकड़ कर उन पर मामला दर्ज कर दिया जाता है. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-kolhan-universitys-pg-semester-four-students-admit-card-uploaded/">चाईबासा: कोल्हान विवि के पीजी सेमेस्टर चार के विद्यार्थियों का एडमिट कार्ड अपलोड [wpse_comments_template]

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