Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

सरायकेला : बालू को लेकर सरकार का ढुलमूल रवैया कहीं बालू घाटों को नहीं बना दे वर्चस्व लड़ाई का अखाड़ा

Advertisement
Advertisement
Seraikela(Bhagya sagar singh) : क्षेत्र के बालू घाटों में पर्याप्त मात्रा में बालू की अनुपलब्धता एवं अन्य कारणों से कभी बेकार की वस्तु मानी जाने वाली बालू की महत्ता इन दिनों काफी बढ़ गयी है. बालू की किल्लत एवं कीमत को लेकर समाज का हर तबका परेशान है. सरकार एवं विभाग की जारी ढुलमुल रवैये से यह संकट विगत लम्बे समय से घटने के स्थान पर बढ़ती ही जा रही है. यही स्थिति जारी रही तो निकट भविष्य में क्षेत्र के बालू घाटों का आपसी वर्चस्व के अखाड़ा बनने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता. कारण नदी के किनारे स्थित अनेक ग्रामीण अपने निजी एवं सरकारी योजना कार्य करने से वंचित होने लगे हैं. रातों रात उनके क्षेत्र से बालू गायब हो जाते हैं उन्हें पता ही नहीं चलता. इसी तरह घाटों से भी चोरी छिपे ही सही बालू के उठाव को लेकर आपसी प्रतियोगिया होने लगी है. अवैध बालू उठाव के आरोप में पकड़े गए ट्रैक्टर वालों के साथ भी विभाग का एक समान रवैया नहीं रखने का आरोप भी यदा कदा लगता रहा है. जब तक बालू उठाव को लेकर एक ठोस व्यवस्था नहीं की जाती ये समस्याएं जारी रहेगी. यह कहना है स्थानीय बुद्धिजीवियों का. इसे भी पढ़ें :चांडिल">https://lagatar.in/chandil-death-of-a-young-man-after-being-cut-off-by-a-train-near-haven-village/">चांडिल

: हेवन गांव के पास ट्रेन से कटकर युवक की मौत

समस्या दिनों दिन उलझती ही जा रही है

ऐसे तो खरकाई नदी के प्रकृति प्रदत्त खनिज संपदा बालू का वर्षों पूर्व माफिया एवं विभागीय गठजोड़ के कारण बालू विहीन हो गया है. प्रतिवर्ष नदी में बाढ़ के साथ बह कर आये बालू पर ही क्षेत्र के निर्माण कार्य अब चल रहे हैं. बालू उठाव के मामले में सरकार के ढुलमुल नीति के कारण यह समस्या दिनोंदिन उलझती ही जा रही है. बालू घाटों की बंदोबस्ती नहीं किये जाने के बावजूद बालू का नदी से उठाव हो रहा है. इस बात से न तो सरकार अनजान है और न ही सम्बन्धित दर्जनों सरकारी विभाग. गरीबों की आवास योजना हो या बड़े बड़े निर्माण कार्य सभी कार्यों में बालू की आवश्यकता पड़ती है. और कार्य भी निरन्तर जारी हैं. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-elephant-thrashed-a-girl-who-went-to-defecate-in-bodam-condition-critical/">जमशेदपुर

: बोड़ाम में शौच करने गयी बच्ची को हाथी ने पटका, हालत नाजुक

परेशान होते है ट्रैक्टर वाले

गरीबों के आवास योजनाओं के कार्य प्रगति की रिपोर्ट सरकारी पदाधिकारी प्रतिमाह लेते हैं. कार्यप्रगति के आधार पर ही उन्हें भुगतान भी किया जाता है. निर्माण कार्य के सम्बन्धित ठेकेदार भी निर्धारित समय सीमा के अंदर कार्य पूर्ण नहीं करते तो एक निश्चित राशि की कटौती विभाग द्वारा किया जाता है. अगर क्षेत्र में बालू उठाव पर ही प्रतिबंध रहे तो ये कार्य कैसे हो रहे हैं. इसकी जानकारी जिला खनन टास्क फोर्स को भी अप्रत्यक्ष रहती है एवं सरकार को भी. इस लड़ाई में मैनेज के चक्कर मे बालू मंहगी होती जा रही है. साथ परेशान होते रहते हैं अल्प पूंजी से रोजी रोटी चलाने को बाध्य ट्रैक्टर वाले. जिन्हें विविध कानूनों के उलंघन के नाम पर जब मर्जी बालू घाटों से पकड़ कर उन पर मामला दर्ज कर दिया जाता है. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-kolhan-universitys-pg-semester-four-students-admit-card-uploaded/">चाईबासा

: कोल्हान विवि के पीजी सेमेस्टर चार के विद्यार्थियों का एडमिट कार्ड अपलोड
[wpse_comments_template]  
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही