: एनआईटी जमशेदपुर का टेक्निका-23 शुक्रवार से
पूजा कर सुख शांति की कामना की जाती है
[caption id="attachment_518268" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="200" /> होमियोपैथिक चिकित्सक सुंदर श्याम मुखी.[/caption] झुमकेश्वरी देवी स्थल पर आखान पूजा के सम्बंध में सरायकेला के होमियोपैथिक चिकित्सक सुंदर श्याम मुखी कहते हैं कि यह पूजा हमारे समाज द्वारा आदि काल से किया जा रहा है. देवी माता की पूजा उस दिन समाज के लोग स्वयं करते हैं. पंडित, पुजारी या देउरी द्वारा पूजा नहीं कराया जाता है. नववर्ष के अवसर पर पूजा के माध्यम से देवी माता से वर्ष भर सुख शांति की कामना की जाती है. इस पूजा में बतख, मुर्गे एवं बकरों की बलि चढ़ा कर देवी माता को प्रसन्न किया जाता है. पूजा में समाज के सदस्यों का आपस में मिलन और विचारों का आदान प्रदान भी होता है. इसे भी पढ़ें :कड़ाके">https://lagatar.in/amidst-the-bitter-cold-under-the-leadership-of-rahul-the-bharat-jodo-yatra-proceeded-from-alam-village-of-shamli/">कड़ाके
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