Hazaribagh News: जिला पर्यावरण समिति की बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई मुद्दे उठाए गए. बैठक में समिति के सदस्य के तौर पर शामिल होकर वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) को ज्ञापन सौंपा गया. इसमें हजारीबाग में बड़े स्तर पर पौधरोपण, झील-तालाबों की सफाई और जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने की मांग की गई.
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ज्ञापन में कहा गया कि पौधों की निगरानी के लिए GPS आधारित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जा सके. झील और तालाबों के सौंदर्यीकरण के दौरान पेड़-पौधों को नुकसान नहीं पहुंचाने और पेड़ कटने या खराब होने की स्थिति में नए पौधे लगाने की मांग की गई.
कोयला क्षेत्रों में नियमित पानी का छिड़काव करने और बढ़ते तापमान को देखते हुए अधिक संख्या में पौधे लगाने की भी मांग की गई. झील में प्रतिमा और पूजा सामग्री के विसर्जन पर रोक लगाने तथा इसके लिए अलग जगह तय करने को कहा गया.
ज्ञापन में नाले का पानी तालाबों और झील में जाने से रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की गई. झील में आने वाले पानी की नियमित जांच कराने और प्रदूषित पानी को झील में जाने से रोकने पर भी जोर दिया गया.
इसके अलावा जलप्रवाह में बाधा बन रहे पाइप और कलवर्ट की मरम्मत, सफाई और नियमित रखरखाव की मांग की गई. किसानों द्वारा कीटनाशकों के अधिक इस्तेमाल पर निगरानी, अस्पतालों के बायो-वेस्ट के सुरक्षित निपटान और औद्योगिक व कोयला क्षेत्रों में Pollution Display Unit लगाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है.
रामनगर से होकर बहने वाली नदी को नाले में बदलने से रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाने की मांग की गई.
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