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सदन में शशिभूषण मेहता ने उठाया शहीद नीलांबर-पीतांबर की प्रतिमा का मुद्दा

: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पाकी विधायक शशिभूषण मेहता ने सदन में पलामू और अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए. उन्होंने शहीदों के अपमान, राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार, प्रशासनिक रिक्तियां और आरक्षण जैसे विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया.
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  • OBC आरक्षण पर सरकार को घेरा

Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पाकी विधायक शशिभूषण मेहता ने सदन में पलामू और अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए. उन्होंने शहीदों के अपमान, राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार, प्रशासनिक रिक्तियां और आरक्षण जैसे विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया.

 

शशिभूषण मेहता ने आरोप लगाया कि पलामू जिला प्रशासन ने शहीद नीलांबर पीतांबर और राजा मेदिनी राय की प्रतिमाओं को, जो कचहरी परिसर में स्थापित थीं, जेसीबी से हटाकर कोयल नदी में फेंक दिया. उन्होंने इस घटना को आदिवासी और मूलवासी समाज का अपमान बताया. 

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उन्होंने मांग की कि जिला मुख्यालय में जमीन देकर इन प्रतिमाओं को सम्मान के साथ फिर से स्थापित किया जाए और मुख्यमंत्री से उनका अनावरण कराने की व्यवस्था की जाए. साथ ही उन्होंने लेस्लीगंज के सरकारी संस्थानों और अस्पतालों का नाम शहीद नीलांबर पीतांबर के नाम पर रखने की मांग की.

 

विधायक ने राजस्व विभाग में बढ़ते भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में 45 लाख से अधिक दाखिल खारिज के मामले लंबित हैं. अंचल कार्यालयों में दलालों का दबदबा बढ़ गया है और आम लोगों को अपने काम के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है.

 

उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाली कई हत्याएं जमीन विवाद से जुड़ी होती हैं. उनके अनुसार लगभग 34 से 40 प्रतिशत हत्याएं भूमि विवाद से संबंधित हैं. उन्होंने कहा कि जब तक जमीन के कागजात और रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं होंगे तब तक कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार लाना मुश्किल होगा.

 

शशिभूषण मेहता ने अपने क्षेत्र की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि मनातु प्रखंड में पिछले चार वर्षों से बीडीओ का पद खाली है और एक ही अधिकारी कई पदों का प्रभार संभाल रहे हैं. उन्होंने पाकी को अनुमंडल बनाने की मांग को भी दोहराया. उन्होंने कहा कि उपायुक्त और कमिश्नर की अनुशंसा के बावजूद इस पर अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.

 

उन्होंने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि राज्य की लगभग 55 प्रतिशत आबादी ओबीसी समुदाय की है, लेकिन अब तक उन्हें 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाया है. उन्होंने सरकार से जल्द इस दिशा में निर्णय लेने की मांग की.

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