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पटियाला में शिवसेना कार्यकर्ता और खालिस्तान समर्थक भिड़े, पत्थर चले, तलवारें लहराई गयीं

Chandigarh : पंजाब के पटियाला में काली देवी मंदिर के पास आज शुक्रवार को शिवसेना कार्यकर्ताओं और खालिस्तानी समर्थकों के बीच झड़प होने की खबर है, झड़प के दौरान खुलेआम तलवारें लहराई गयी और पत्थरबाजी हुई. इसके बाद से शहर में हालात तनावपूर्ण हो गये. इसे भी पढ़ें : मौसम">https://lagatar.in/alert-of-meteorological-department-forecast-of-severe-heat-wave-in-north-and-central-india-till-may-2/">मौसम

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खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च के दौरान झड़प हुई

जानकारी के अनुसार पटियाला में शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा निकाले गये खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च के दौरान झड़प हुई. सिख संगठन और शिवसेना कार्यकर्ता आमने-सामने हो गये. पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. इस क्रम में दोनों तरफ से तलवारें लहराई गयी और पथराव किया गया. खबरों के अनुसार   शिवसेना के लोगों के पास जुलूस निकालने की अनुमति नहीं थी. इस घटना के दौरान एसएचओ समेत कुछ और लोग चोटिल हो गये हैं.  पुलिस को हालात संभालने के लिए हल्का सा बल प्रयोग करना पड़ाय  बताया गया कि फुव्वारा चौक पर अगर ये दो पक्ष आमने सामने आ जाते तो बड़ी हिंसा हो सकती है, जिसे पुलिस ने समय रहते संभाल लिया.   इसे भी पढ़ें :  जो">https://lagatar.in/joe-biden-and-pm-modi-will-meet-in-japan-in-may-russia-ukraine-war-in-quad-agenda/">जो

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शिवसेना कभी भी पंजाब में खालिस्तान नहीं बनने देगी

खबरों के अनुसार पटियाला में शिवसेना (बाल ठाकरे) के पंजाब कार्यकारी प्रधान हरीश सिंगला के नेतृत्व में आर्य समाज चौक से खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च शुरू हुआ. शिवसेना कार्यकर्ता खालिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए बढ़ रहे थे. हरीश सिंगला ने कहा कि शिवसेना कभी भी पंजाब में खालिस्तान नहीं बनने देगी और ना ही किसी को खालिस्तान का नाम लेने देगी. इसी दौरान कुछ सिख संगठन भी तलवारें लहराते हुए सड़क पर आ गये और दोनों ओर से स्थिति तनावपूर्ण बन गयी. इसे भी पढ़ें : बोले">https://lagatar.in/prashant-kishor-said-congress-does-not-need-pk-my-stature-is-not-so-big-that-rahul-gandhi-should-give-me-a-feeling/">बोले

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शिवसैनिकों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गयी थी

बताया जा रहा है कि शिवसेना ने एक दिन पहले खालिस्तान के खिलाफ मार्च निकालने की घोषणा थी, इसलिए पुलिस पहले से ही अलर्ट थी. पुलिस ने अनहोनी की आशंका के मद्देनजर शिवसैनिकों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी थी. जब दोनों संगठन के लोगों की झड़प शुरू हुई तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लोगों को खदेड़ दिया. खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 29 अप्रैल को पंजाब के सभी सरकारी बिल्डिंगों पर खालिस्तान का झंडा फहराने की घोषणा की थी. इतना ही नहीं झंडा फहराकर वीडियो भेजने वालों एक लाख डॉलर तक का इनाम देने की भी ऐलान किया था. मालूम हो कि सरकार ने गुरपतवंत पन्नू के भारत आने पर प्रतिबंघ लगा रखा है. [wpse_comments_template]

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