- पांच माह में टेंट हाउस समेत दो होटलों में लगी आग में एक की मौत, अग्निशामक यंत्र होता तो बच सकती थी जान
- 1498 होटल, शादी घर, रेस्टोरेंट, लॉज हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में संचालित है, लेकिन किसी में अग्निशामक यंत्र नहीं
- 148 नर्सिंग चल रहे हैं हजारीबाग जिले में, शहर में 89 का संचालन, इनमें 50 प्रतिशत के पास ही सुरक्षा के इंतजाम
कमाई खूब करते हैं, लेकिन सुरक्षा पर खर्च नहीं करते
होटल संचालक कमाई तो खूब करते हैं, लेकिन आम लोगों की सुरक्षा पर खर्च नहीं करते हैं. चंद पैसे बचाने के चक्कर आम लोगों की जिंदगियों से खेलते रहते हैं और अगर कोई घटना घट जाती है तो वे दमकल का इंतजार करते रहते हैं. वहीं बात नर्सिंग होम की करें तो हजारीबाग जिले में 148 नर्सिंग होम हैं और शहर की बात करें तो 89. हालांकि इनमें 50 प्रतिशत नर्सिंग होम संचालक अग्निशामक यंत्र का लाइसेंस ले रखे हैं. इस संबंध में संबंध में अग्निशमन अधिकारी रवींद्र ठाकुर ने बताया कि हजारीबाग में जितने भी मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, अपार्टमेंट संचालित हैं. उनमें किसी ने अग्निशामक यंत्र का लाइसेंस नहीं लिया है और न ही सिस्टम को लगाया गया है. थोड़ा बहुत नर्सिंग होम संचालक इसका पालन कर रहे हैं.हजारीबाग में शादी घर व टेंट हाउस में आग लगने की घटनाएं
केस संख्या 1...
शहर के बीचों-बीच मालवीय मार्ग स्थित गायत्री टेंट हाउस में कार्तिक पूर्णिमा के दिन शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी. उस वक्त उस मकान में लगभग एक दर्जन परिवार के लोग रह रहे थे और सभी चीख-चिल्ला रहे थे. इसके बाद स्थानीय लोगों एवं दमकल के सहयोग से सभी परिवार वालों को बाहर निकाला गया. इस घटना में घर के तीन सदस्यों की आंखें झुलस गयीं. वहीं एक बच्ची की मौत हो गई थी.केस संख्या 2...
हजारीबाग शहर के हरनगंज स्थित शगुन वाटिका में रविवार को शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. इसके बाद होटल से सटी 20 दुकानों में भी आग लग गई. आनन-फानन में मौके पर दमकल की गाड़ी पहुंची और आग पर काबू पा लिया गया. लेकिन इस घटना में लगभग सभी दुकानों और होटल को मिलाकर करीब डेढ़ करोड़ का नुकसान होने की बात कही गई.केस संख्या 3...
शहर के हरनगंज स्थित अरण्या विहार शादी घर में बुधवार को शॉर्ट सर्किट से सुबह 7:30 बजे आग लग गई, जिसमें संचालक की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात कही गई. इस शादी घर में प्लास्टिक फाइबर से दीवार को सजाया गया था. अगर अग्निशामक यंत्र होता तो आग को फैलने से रोका जा सकता था. इसे भी पढ़ें : खेल">https://lagatar.in/the-game-is-such-that-now-even-the-pond-seems-like-a-playground-save-the-pond-sir/">खेलऐसा कि अब तो तालाब भी खेल के मैदान जैसा लगने लगा…तालाब बचा लो साहब…. [wpse_comments_template]
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