- दुकानदार बोले- 30 दिन पहले नोटिस देकर ही हटाई जाए दुकानें
Ranchi : नगर निगम की विजिलेंस टीम की ओर से फुटपाथ दुकानदारों के खिलाफ चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में मंगलवार को हजारों दुकानदार सड़कों पर उतर आए. दुकानदारों ने नगर निगम कार्यालय का घेराव कर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया और कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की.
इस दौरान सभी प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की. इधर दुकानदारों के विरोध-प्रदर्शन के कारण शहर की यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई. कचहरी चौक समेत कई प्रमुख मार्गों पर घंटों तक जाम लगा रहा और वाहन रेंगते नजर आए.

प्रदर्शन कर रहे फुटपाथ दुकानदारों का कहना था कि नगर निगम की लगातार कार्रवाई से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है. उनका कहना है कि फुटपाथ पर दुकान लगाकर ही वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं. ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानें हटाना उचित नहीं है.
दुकानदारों ने आरोप लगाया कि नगर निगम बिना लिखित नोटिस दिए मौखिक आदेश के आधार पर दुकानें हटवा रहा है. जबकि नियम के अनुसार किसी भी कार्रवाई से पहले 30 दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दुकान हटाने से पहले सभी प्रभावित लोगों को नियमानुसार नोटिस दिया जाए.

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि पिछले नौ वर्षों से फुटपाथ दुकानदारों का सर्वे नहीं कराया गया है और पिछले पांच वर्षों से टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) का चुनाव भी नहीं हुआ है. उनका आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है.
दुकानदारों ने नगर निगम पर उच्च न्यायालय के निर्देशों की भावना के विपरीत कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने मांग की कि अतिक्रमण हटाओ अभियान पर रोक लगाई जाए, लंबित सर्वे जल्द पूरा कराया जाए और टाउन वेंडिंग कमेटी का चुनाव कराया जाए.
प्रदर्शन के कारण शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित
इधर फुटपाथ दुकानदारों के प्रदर्शन और जेपीएससी अभ्यर्थियों के धरने के कारण मंगलवार को रांची की प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम लग गया. सबसे अधिक असर कचहरी चौक और उससे जुड़े मार्गों पर देखा गया. कचहरी रोड, रेडियम रोड, जेल रोड, रातू रोड से कचहरी चौक, अल्बर्ट एक्का चौक से कचहरी चौक और लालपुर से कचहरी चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं.
कई घंटों तक वाहन धीमी गति से चलते रहे, जिससे कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. स्कूलों की छुट्टी के समय कई स्कूल बसें भी जाम में फंस गईं. ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में पुलिसकर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी. काफी देर बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका.
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