NewDelhi : कांग्रेस ने अमेरिका-ईरान के बीच इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर साइन करने को लेकर मोदी सरकार पर हल्ला बोला है. कांग्रेस ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति की विफलता करार दिया है.
अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद कांग्रेस ने आज गुरुवार को सरकार की तीखी आलोचना की. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का लगातार तुष्टिकरण करना शर्मनाक और राष्ट्रविरोधी है.
जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच 14 सूत्रीय इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है. कहा कि इस समझौते का नाम इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) रखा जाना ही इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान की क्षेत्रीय प्रतिष्ठाऔर वैश्विक प्रभाव बढ़ रहा है.
जयराम रमेश ने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा, यह वही देश है जिसे नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद डॉ मनमोहन सिंह ने वैश्विक मंच पर अलग-थलग कर दिया था.
श्री रमेश ने इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग का जिक्र कर दावा किया कि यह प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति की दिशा और कार्यप्रणाली दोनों के लिए एक गंभीर झटका है. पाकिस्तान अब पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक और सुरक्षा संरचना में पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली हो चुका है.
इस घटनाक्रम का भारत के लिए गंभीर और दूरगामी परिणाम हो सकता हैं, जयराम रमेश ने कहा, यह एमओयू ईरान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और अप्रत्याशित उपलब्धियों वाला है. ईरान ने अपनी दृढ़ता और सहनशक्ति का प्रदर्शन किया है.
श्री रमेश ने कहा कि जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) देशों ने एमओयू का सतर्कता के साथ स्वागत किया है. जबकि इन देशों ने ईरान के जवाबी हमलों को झेला है. जयराम रमेश ने एमओयू को इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पराजय करार दिया है.कहा कि बेंजामिन नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ चुके हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप भी अब सार्वजनिक रूप से उनके प्रति नाराज़गी और निराशा व्यक्त कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी अकेले नेता हैं, जो लेबनान, गाज़ा, पश्चिमी तट सहित पूरे क्षेत्र में नेतन्याहू की कार्रवाइयों के समर्थन में अडिग बने हुए हैं. जयराम रमेश के अनुसार पीएम मोदी की इज़राइल के प्रति अंधभक्ति देश को भारी कीमत चुकाने पर विवश कर रही है.'
कांग्रेस नेता के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ट्रंप के प्रति लगातार अपनाई जा रही तुष्टिकरण की नीति का ताज़ा उदाहरण कल रात देखने को मिल. ट्रंप–मोदी द्विपक्षीय बैठक पर भारतीय विदेश मंत्रालय का आधिकारिक वक्तव्य तुष्टिकरण दर्शाता है.यह शर्मनाक है और राष्ट्र-विरोधी है.
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