Simdega : जिले के बच्चों को सुरक्षित, शिक्षित व सशक्त भविष्य प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा सोमवार को सतर्क सिमडेगा (Strategic Action for Tracking & Assistance of Risk-prone Kids in Simdega) अभियान का शुभारंभ किया गया.
अभियान का मुख्य उद्देश्य जोखिमग्रस्त व संवेदनशील बच्चों की पहचान कर उनके संरक्षण, पुनर्सम्बलन व पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी बच्चा अपने अधिकारों, अवसरों और सुरक्षित बचपन से वंचित न रहे.
अभियान के शुभारंभ अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के सशक्त झारखंड के संकल्प का मूल उद्देश्य समावेशी व संवेदनशील विकास सुनिश्चित करना है. सतर्क सिमडेगा इसी सोच को साकार करने की दिशा में जिला प्रशासन का एक महत्वपूर्ण प्रयास है. उन्होंने कहा कि सुरक्षित व सशक्त बचपन ही एक सशक्त झारखंड की मजबूत नींव है.
उपायुक्त ने कहा कि सिमडेगा अपनी समृद्ध जनजातीय व सांस्कृतिक विरासत, सामुदायिक जीवन शैली और सामाजिक मूल्यों के लिए जाना जाता है. हालांकि जिला पलायन प्रभावित क्षेत्रों में भी शामिल है, जहां आर्थिक, सामाजिक अथवा पारिवारिक परिस्थितियों के कारण कई परिवार और बच्चे असुरक्षित परिस्थितियों में पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं.
ऐसी परिस्थितियों में बच्चे मानव तस्करी, बाल श्रम, शिक्षा से वंचित होने तथा अन्य सामाजिक जोखिमों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं.उन्होंने बताया कि सतर्क सिमडेगा अभियान के तहत जिले के सभी पंचायतों और गांवों में सर्वेक्षण कर बेसहारा, जरूरतमंद व जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान की जाएगी. चिन्हित बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा सेवाओं से जोड़ते हुए उनके समग्र विकास के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
अभियान के अंतर्गत जोखिमग्रस्त बच्चों की समयबद्ध पहचान, असुरक्षित पलायन व मानव तस्करी की रोकथाम, विद्यालय से बाहर हुए बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ना, बाल श्रम व बाल विवाह की रोकथाम, नशे व अन्य सामाजिक जोखिमों से प्रभावित बच्चों को सहायता उपलब्ध कराना तथा पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. इसके साथ ही ग्राम स्तर से जिला स्तर तक सामुदायिक निगरानी व विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को भी सशक्त बनाया जाएगा.
जिला प्रशासन द्वारा अभियान के लिए एक विशेष क्यूआर कोड भी जारी किया गया है. आम नागरिक अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर गूगल फॉर्म में बच्चों की जानकारी साझा कर सकते हैं. इससे जरूरतमंद व संवेदनशील बच्चों की जानकारी प्रशासन तक पहुंच सकेगी और उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर सहयोग उपलब्ध कराया जा सकेगा.
उपायुक्त ने पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समितियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों, युवाओं व जागरूक नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी बच्चे का सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त होना पूरे समाज की प्रगति से जुड़ा हुआ है.
आपकी एक सूचना, आपकी एक सजग दृष्टि और आपका एक सहयोग किसी बच्चे के जीवन की दिशा बदल सकता है.जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे "सतर्क सिमडेगा" अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने में सहयोग करें, ताकि जिले का कोई भी बच्चा उपेक्षित न रहे और प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं अवसरों से परिपूर्ण भविष्य मिल सके.
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