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सिमडेगा: मानव तस्करी के खिलाफ पुलिस ने निकाली जागरुकता रैली

Simdega: जिला पुलिस प्रशासन ने मानव तस्करी के खिलाफ जागरुकता रैली निकाली. प्रशासन ने स्कूल के छात्रों के माध्यम से जागरुकता रैली निकालकर मानव तस्करी पर अंकुश लगाने का संकल्प लिया. बताया जाता है कि प्रत्येक वर्ष जिले से 500 से 1000 तक बच्चियों को मानव तस्कर अपने सब्जबाग में फांसकर महानगरों के हवाले कर देते हैं. कोरोना संक्रमण काल में तो मानव तस्करी को लेकर स्थिति और बदतर हुई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के द्वारा मानव तस्करी को रोकने के लिए मोबाइल नंबर 9608015595 भी जारी किया गया है. जिस पर सूचना दी जा सकती है. एक रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में गुमला में सर्वाधिक कांड दर्ज हैं, जबकि सिमडेगा मानव तस्करी में दूसरे स्थान पर है. वर्ष 2013 से 2018 के बीच पांच साल में विभिन्न जिलों में 855 कांड दर्ज किए गए हैं. इस अवधि में 743 मानव तस्कर सलाखों तक पहुंच पाए हैं, जबकि 1422 पीड़ित मुक्त भी करवाए जा चुके हैं. वहीं इस पांच साल में कोडरमा, गढ़वा व रामगढ़ से एक भी मामला सामने नहीं आ सका है. इसे भी पढ़ें– भाजपा">https://lagatar.in/bjp-has-got-the-survey-done-clean-sweep-is-going-to-happen-in-2024-so-stay-spooked-hemant/">भाजपा

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जानकारी के अनुसार झारखंड के बच्चों की तस्करी ज्यादातर दिल्ली में सुव्यवस्थित प्लेसमेंट एजेंसी रैकेट के माध्यम से होती है. ये प्लेसमेंट एजेंसियां दिल्ली, फरीदाबाद, गुड़गांव और नोएडा सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के घरों में आदिवासी बच्चियों की आपूर्ति करती हैं. ये एजेंसियां ज्यादातर 11-16 आयु वर्ग के बच्चियों को निशाना बनाती हैं, जो शोषण के बाद भी चुप्पी साधे रहते हैं. कुछ को शादी के लिए बेच दिया जाता है, जहां वे सभी रूपों में कभी न खत्म होने वाले दुर्व्यवहार का शिकार होती हैं. इसे भी पढ़ें– हेमंत">https://lagatar.in/hemant-challenges-bjp-we-are-ready-to-show-power-inside-and-outside-the-house/">हेमंत

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