Godda News : जिले में SIR डिलीशन फॉर्म को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है. इस मुद्दे पर पूर्व भाजपा विधायक अमित मंडल और झारखंड सरकार के मंत्री संजय यादव के बेटे रजनीश यादव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.
गोड्डा पहुंचे अमित मंडल ने आरोप लगाया कि उनके बूथ लेवल एजेंट विनय कुमार मंडल को कुछ लोगों ने गलत तरीके से बंधक बनाया था. उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी थी कि उनके साथ मॉब लिंचिंग तक हो सकती थी.
अमित मंडल ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में मंत्री के स्तर से भी दबाव बनाया गया, लेकिन उनके कार्यकर्ताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने राजद नेताओं और खासकर रजनीश यादव को पहले तथ्यों को समझने और पढ़ने-लिखने की सलाह दी.
अमित मंडल के बयान पर रजनीश यादव ने भी तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि अमित मंडल "चोरी और ऊपर से सीनाजोरी" कर रहे हैं. रजनीश यादव के मुताबिक, भाजपा के बूथ लेवल एजेंट विनय कुमार मंडल से बॉन्ड भरवाकर उन्हें छोड़ा गया है और नगर थाना में उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज है.
रजनीश यादव ने कहा कि अगर अमित मंडल अपने कार्यकर्ता के इतने बड़े शुभचिंतक हैं तो जब ग्रामीणों ने उनके एजेंट को करीब 12 घंटे तक बंधक बनाकर रखा था, तब वे कहां थे. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने खुद भाजपा कार्यकर्ता को सुरक्षित तरीके से थाना पहुंचाने में मदद की थी.
प्रिंटेड टिक वाले फॉर्म को लेकर उठाए गए सवाल पर भी रजनीश यादव ने अमित मंडल को घेरा. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पढ़ने-लिखने की सलाह दी जा रही है, तो अमित मंडल यह भी बताएं कि उन्होंने कौन सी इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है. रजनीश ने कहा कि वह अपनी शैक्षणिक योग्यता पहले ही सार्वजनिक कर चुके हैं.
गौरतलब है कि अमित मंडल और रजनीश यादव दोनों ही लंदन से पढ़ाई करने के बाद राजनीति में सक्रिय हुए हैं. दोनों राजनीतिक परिवारों से आते हैं. अमित मंडल अपने पिता रघुनंदन मंडल के निधन के बाद विधायक बने थे, जबकि रजनीश यादव बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा चुके हैं. SIR विवाद के बीच दोनों के बीच बढ़ी जुबानी जंग अब गोड्डा की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है.
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