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झारखंड स्कूल सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के छठे न्यूजलेटर में विद्यार्थियों की गलतफहमियों पर जोर

Ranchi News: न्यूजलेटर के अनुसार, विद्यार्थियों के गलत उत्तर देने का कारण हमेशा लापरवाही नहीं होता. कई बार यह किसी विषय या अवधारणा को लेकर उनकी अधूरी अथवा गलत समझ को दर्शाता है. ऐसी गलत धारणाएं बच्चों के रोजमर्रा के अनुभवों, विषयों को जरूरत से ज्यादा सरल तरीके से समझाने या चित्रों और दृश्य प्रस्तुतियों की गलत व्याख्या से विकसित हो सकती हैं.
 
न्यूज लेटर फोटो

Ranchi News: झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से झारखंड स्कूल सर्टिफिकेशन प्रोग्राम का छठा न्यूजलेटर जारी किया गया है. इस संस्करण में विद्यार्थियों की विषयों से जुड़ी गलत धारणाओं, उनकी समझ और सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है. इसमें 29 सितंबर को शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के लिए आयोजित तीसरे वेबिनार की प्रमुख चर्चाओं को भी शामिल किया गया है. वेबिनार में असेसमेंट विशेषज्ञ सैयदा हुस्ना ने विद्यार्थियों की गलतफहमियों और उनके आकलन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की.


न्यूजलेटर के अनुसार, विद्यार्थियों के गलत उत्तर देने का कारण हमेशा लापरवाही नहीं होता. कई बार यह किसी विषय या अवधारणा को लेकर उनकी अधूरी अथवा गलत समझ को दर्शाता है. ऐसी गलत धारणाएं बच्चों के रोजमर्रा के अनुभवों, विषयों को जरूरत से ज्यादा सरल तरीके से समझाने या चित्रों और दृश्य प्रस्तुतियों की गलत व्याख्या से विकसित हो सकती हैं. समय रहते इन गलतफहमियों को दूर नहीं किया गया, तो ये लंबे समय तक बनी रह सकती हैं और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं.


82 गोल्ड प्रमाणित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने लिया प्रशिक्षण

इस संस्करण में झारखंड के 82 गोल्ड प्रमाणित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की राजस्थान के झुंझुनू में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला और शैक्षणिक अनुभव यात्रा को भी प्रमुखता दी गई है. इस दौरान प्रतिभागियों को शैक्षणिक नेतृत्व, प्रभावी मूल्यांकन और विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता बेहतर बनाने से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया.


न्यूजलेटर में रांची के एक स्कूल के शिक्षक का अनुभव भी साझा किया गया है. शिक्षक के अनुसार, दक्षता आधारित मूल्यांकन केवल विद्यार्थियों की याद की गई जानकारी को परखने तक सीमित नहीं है. इसके माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जाता है कि विद्यार्थी किसी विषय की अवधारणा को कितना समझते हैं और सीखी गई जानकारी का वास्तविक परिस्थितियों में किस तरह उपयोग कर सकते हैं.

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अक्टूबर के अंत तक जारी होंगे परिणाम

कार्यक्रम के तहत आगामी गतिविधियों की जानकारी भी न्यूजलेटर में दी गई है. राउंड तीन और चार के परिणाम अक्टूबर के अंत तक जारी किए जाने हैं. इसके साथ ही दोनों राउंड के डैशबोर्ड भी जारी किए जाएंगे. अक्टूबर में प्रस्तावित अगले वेबिनार में विद्यार्थियों की उपस्थिति से जुड़े अनुभवों और स्कूलों में अपनाई जा रही प्रभावी कार्यप्रणालियों पर चर्चा होगी.

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