Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

झारखंड विस में पहली बार SLBC रिपोर्ट पेश, राज्य का CD रेशियो बढ़कर 55% पहुंचा

वित्त मंत्री ने बताया कि इस पहल से अब विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण और विभिन्न वित्तीय योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रभावी निगरानी कर सकेंगे. इससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ विकास योजनाओं के बेहतर संचालन में भी मदद मिलेगी.
Advertisement
Advertisement
  • देश में पहली बार किसी राज्य की विधानसभा में SLBC रिपोर्ट पेश की गई

Ranchi :  झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन (शुक्रवार को) सदन में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली. वित्त मंत्री ने सदन के पटल पर स्टेट लेवल बैंकर्स कमिटी (SLBC) की रिपोर्ट प्रस्तुत की. 

 

देश में पहली बार किसी राज्य की विधानसभा में SLBC रिपोर्ट पेश की गई. झारखंड सरकार के इस कदम को बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

 

वित्त मंत्री ने बताया कि इस पहल से अब विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण और विभिन्न वित्तीय योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रभावी निगरानी कर सकेंगे. इससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ विकास योजनाओं के बेहतर संचालन में भी मदद मिलेगी.

 

रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो वर्ष 2024 के 50.2 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2026 में 54.97 प्रतिशत (करीब 55 प्रतिशत) हो गया है. इसे राज्य में ऋण वितरण की स्थिति में सुधार का संकेत माना गया है.

 

राज्य की वार्षिक ऋण योजना का लक्ष्य 1.73 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में बैंकों में कुल 44,979 करोड़ रुपये की जमा राशि है, जबकि 22,613 करोड़ रुपये का ऋण अग्रिम (Loan Advances) दिया गया है, जिससे 54.97 प्रतिशत का CD रेशियो दर्ज हुआ है.

 

गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से अब तक 330 लाभुकों को लगभग 27 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के अंतर्गत 13.58 लाख किसानों को लाभ मिला है और उनके लिए 9,240 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं.

 

वहीं स्वयं सहायता समूह (SHG) के 61 हजार लाभुकों को 7,700 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है. एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 52,885 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है.

 

रिपोर्ट के अनुसार, प्राथमिकता क्षेत्र (Priority Sector) में 8,845 करोड़ रुपये और गैर-प्राथमिकता क्षेत्र (Non-Priority Sector) में 93,862 करोड़ रुपये का ऋण अग्रिम किया गया है. 

 

वित्त मंत्री का कहना है कि विधानसभा में SLBC रिपोर्ट पेश किए जाने से बैंकिंग क्षेत्र की प्रगति, वित्तीय समावेशन और विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं की स्थिति पर जनप्रतिनिधियों की सीधी निगरानी सुनिश्चित होगी, जिससे राज्य के विकास कार्यों को और गति मिलेगी.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही