Ranchi: विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर युवा राष्ट्रीय जनता दल ने चिंता जताई है. संगठन ने शांतिपूर्ण छात्रों को संयमपूर्वक रोकने और सहयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलन के दौरान पुलिस-प्रशासन का संवेदनशील रवैया सराहनीय है. वहीं कुछ स्थानों पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है.
युवा राजद ने कहा कि कुछ स्थानों से सामने आई तस्वीरें और वीडियो चिंताजनक हैं. छात्रों के अनुसार कुछ जगहों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया और कथित रूप से एक्सपायर्ड आंसू गैस के गोले इस्तेमाल किए गए. शाम के समय विधानसभा की लाइट बंद कर छात्रों पर लाठीचार्ज किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं. संगठन ने कहा कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
इसे भी पढ़ें -
संगठन ने कहा कि छात्र उनके विरोधी नहीं हैं, बल्कि झारखंड के भविष्य हैं. वे अपने अधिकार, हक और रोजगार से जुड़े सवालों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे थे. यदि आंदोलन के दौरान किसी व्यक्ति ने कानून-व्यवस्था का उल्लंघन किया था तो प्रशासन को संबंधित लोगों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए थी. शांतिपूर्ण छात्रों पर सामूहिक रूप से बल प्रयोग किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है.
युवा राजद ने विधानसभा घेराव के दौरान विपक्षी दलों की भूमिका पर भी सवाल उठाया. संगठन ने कहा कि जनता ने अपने मत देकर विपक्षी विधायकों को सदन में भेजा है, ताकि वे विधानसभा में सरकार से सवाल पूछें और जनता की आवाज उठाएं. लेकिन सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के नेताओं के मुख्यमंत्री आवास के गेट पर राजनीतिक प्रदर्शन करने को संगठन ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
युवा राजद ने भाजपा से छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक स्वार्थ का माध्यम नहीं बनाने की अपील की. संगठन ने कहा कि छात्रों के भविष्य और अधिकारों से जुड़े सवाल किसी भी राजनीतिक दल की महत्वाकांक्षा का हथियार नहीं बनने चाहिए. छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद, संवेदनशीलता और ठोस निर्णय के माध्यम से होना चाहिए.
युवा राष्ट्रीय जनता दल ने कहा कि झारखंड सरकार का सहयोगी दल होने के नाते वह सरकार के साथ खड़ा है, लेकिन छात्रों के न्यायपूर्ण सवालों पर छात्रों के साथ भी खड़ा है. संगठन का उद्देश्य सरकार को कमजोर करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है.
संगठन ने मुख्यमंत्री और सक्षम अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. साथ ही कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी या अधिकारी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए अनावश्यक या बर्बरतापूर्ण बल प्रयोग किया है तो उसकी जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.
अंत में युवा राजद ने छात्रों से सरकार के साथ वार्ता के लिए आगे आने की अपील की. संगठन ने कहा कि संवाद के माध्यम से बीच का रास्ता निकालना ही लोकतंत्र की ताकत है. कोशिश होनी चाहिए कि दोषियों को सजा मिले और निर्दोष छात्रों को उनका हक और न्याय मिले.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

