Ranchi: मनरेगा कानून और नाम में बदलाव के विरोध में प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान की शुरूआत की. इसके तहत कांग्रेसजनों ने मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से लोक भवन तक पैदल मार्च किया. मार्च के पूर्व महात्मा गांधी की प्रतिमा पर कांग्रेसजनों ने माल्यार्पण किया. फिर मनरेगा कानून बदलने के विरोध में अनवरत संघर्ष के लिए कांग्रेस जनों को केशव महतो कमलेश ने शपथ दिलाया.
नए कानून में ठेकेदारों को काम देने का प्रावधानः के राजू
झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू ने कहा कि मनरेगा के तहत यूपीए सरकार ने लोगों को 100 दिनों के रोजगार का हक कानून बना कर दिया था,काम का निर्धारण भी ग्राम पंचायत के हाथों में था. यूपीए सरकार ने इस कानून को महात्मा गांधी के नाम पर रखा. नये कानून में योजनाएं और जगह केंद्र सरकार तय करेगी. मजदूरों को काम मांगने का अधिकार नए कानून में नहीं है. नए कानून में ठेकेदारों से काम कराने का प्रावधान किया गया है, जबकि मनरेगा में ऐसा नहीं था.

भाजपा सरकार मनरेगा के बजट में कटौती करती रहीः केशव महतो
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान मनरेगा का बजट हर साल बढ़ता रहा, जबकि भाजपा सरकार मनरेगा के बजट में कटौती करती रही है. मनरेगा योजना में यूपीए सरकार ने केंद्र और राज्यों का अंशदान 90:10 का प्रावधान किया था, इससे राज्यों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता था. वर्तमान सरकार ने 60:40 का निर्धारण किया है, जिससे कई राज्यों की आर्थिक कमर टूट जाएगी.
केंद्र सभी सुरक्षा कानून को बदलने का प्रयास कर रहीः प्रदीप यादव
विधायक दल नेता प्रदीप यादव ने कहा कि केंद्र सरकार जनता के लिए लायी गयी सभी सुरक्षा कानून को बदलने का प्रयास कर रही है. खाद्य सुरक्षा कानून को भी बदलने का प्रयास किया गया था. यदि कृषि के तीनों काले कानून वापस नहीं होते तो खाद्य सुरक्षा कानून भी समाप्त होता. भाजपा जिस तरह से सभी अधिकार छीन रही है, इस तरह एक दिन वोट का अधिकार भी छीनेगी, लोकतंत्र को जिंदा रखने का जो माध्यम वोट का अधिकार है, उसे भी नरेंद्र मोदी एसआइआर के माध्यम से समाप्त करना चाहती है.
विधायक दल के उप नेता राजेश कच्छप ने कहा कि नरेंद्र मोदी में निर्णय लेने की क्षमता नहीं है, हर बार अदूरदर्शी निर्णय लेते हैं और कांग्रेस द्वारा विरोध करने के बाद उसे बदलते हैं.
स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के नाम से भाजपा को चिढ़ है, सुखदेव भगत
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि आजाद भारत के पहले आतंकवादी नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को गांधी जी की हत्या की. 18 दिसंबर 2025 को मोदी सरकार ने गांधी जी के नाम की हत्या कर दी.
मोदी सरकार अपनी कुंठा के कारण स्वतंत्रता सेनानियों के नाम के अपमान का हर मौका ढूंढती है क्योंकि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके पूर्वजों का कोई योगदान नहीं था. इसी कुंठा में स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के नाम से भाजपा को चिढ़ है,भाजपा ने सोची रणनीति के तहत भगवान राम का नाम लाया है.
भाजपा शोधकर्ताओं द्वारा शोध करके खोजा गया नामः राधाकृष्ण
वित्त मंत्री डॉ राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम अचानक नहीं बदला गया बल्कि महात्मा गांधी के विचारों को इस देश के लोगों के जेहन से मिटाने के लिए रखा है ताकि भारत में हिंदुवाद के विचारों को भाजपा मजबूत कर सके और इसका लाभ भाजपा को हो. यह सहयोग नहीं बल्कि भाजपा शोधकर्ताओं द्वारा शोध करके खोजा गया नाम है. यह योजना उन राज्यों को कमजोर करने की साजिश है, जहां भाजपा की सरकार नहीं है.
कानून को लेना होगा वापसः डॉ इरफान
स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि मोदी सरकार को कोई कानून लाने से पहले उस वर्ग को विश्वास में लेना चाहिए, जिसके लिए कानून लाया जा रहा है,जबरन कानून थोपने से उसे वापस लेना होगा, जैसा कृषि बिल में हुआ भाजपा ने हर कौम को कुचला है. ग्रामीण क्षेत्रों को हासिये पर धकेलने की तैयारी मोदी सरकार कर रही है.
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि मनरेगा पर किया गया हमला गरीबों के पेट पर लात मारना है हम इसके विरोध में संघर्ष करेंगे. कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य पलायन रोकना,गांव के लोगों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना,आय में वृद्धि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करने का था. जब मनरेगा का बजट घटा दिया गया है तो 125 दिन की गारंटी किस आधार पर पीएम मोदी दे रहे हैं.
ये रहे मौजूद
सांसद कालीचरण मुंडा, राजेश ठाकुर, प्रदीप बलमुचू, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, फुरकान अंसारी, अनादि ब्रह्म, विधायक भूषण बाड़ा, नमन विक्सल कोन्गाडी, अनूप सिंह, सुरेश बैठा, निशात आलम, ममता देवी, सोनाराम सिंकू, रामचन्द्र सिंह, स्वेता सिंह, बन्ना गुप्ता, केएन त्रिपाठी, राकेश सिन्हा, सतीश पॉल मुंजनी, रवीन्द्र सिंह, शमशेर आलम, ज्योति सिंह मथारू, जयशंकर पाठक, संजय लाल पासवान, राजीव रंजन प्रसाद, अमूल्य नीरज खलखो, अशोक चौधरी सुरेन्द्र सिंह, आलोक दूबे, कुमार राजा, सोनाल शांति, कमल ठाकुर, सोमनाथ मुंडा, राकेश किरण महतो, सहित काफी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे. सभा का संचालन कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर और धन्यवाद ज्ञापन रमा खलखो ने किया. विशिष्ठ आमंत्रित अतिथि के रूप में राष्ट्रीय सलाहकारी परिषद के सदस्य ज्यां द्रेज भी उपस्थित थे.
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